12 जनवरी से शुरू होने वाले माघ मेले में गंगा नदी की स्वच्छता सुनिश्चित रखने के लिए डीएम बी. चंद्रकला ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त कमेटी गठित की है। यदि किसी उद्योग से गंगा या किसी भी नदी/नाले में कचरा डलता मिला तो उद्योग को बंद करा दिया जाएगा।
शून्य कचरा करें सुनिश्चित
इलाहाबाद में जनवरी और फरवरी माह में लगने वाले माघ मेले में श्रद्धालुओं को पवित्र गंगा में जल की शुद्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रमुख सचिव संजीव सरन ने निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार गंगा नदी के तट पर स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाले कचरे की मात्रा शून्य हो। अगर ऐसा नहीं होता है तो इस अवधि में औद्योगिक इकाइयों द्वारा उत्पादन प्रक्रिया बंद कराने की कार्यवाही की जाए। अगर किसी उद्योग का कचरा गंगा या किसी भी नदी/नाले में गिरता पाया जाता है, तो उस उद्योग को तुरंत बंद कराते हुए विधिक कार्रवाई की जाए।
यह बनी कमेटी
कमेटी में सरधना, मवाना और सदर एसडीएम के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एई एसआर मौर्या, जेई सुनील कुमार यश, एई अंकित सिंह, जेई एनएम त्रिपाठी शामिल हैं।
मेरठ जिले में 33 उद्योग
मेरठ जिले में ऐसे करीब 33 उद्योग हैं। जिनका कचरा सीधे नदी/नालों में गिरता है। इनमें शुगर मिल, पेपर मिल, केमिकल फैक्ट्री आदि हैं। जिनसे निकलने वाले कचरे पर कमेटी नजर रखेगी। इसकी प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को देगी। प्रमुख सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि इन आदेशों का पालन नहीं हुआ तो हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना होगी। जिसके लिए अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
माघ मेले में स्नान की प्रमुख तिथि
12 जनवरी : पौष पूर्णिमा
14 जनवरी : मकर संक्रांति
27 जनवरी : मौनी अमावस्या
1 फरवरी : बसंत पंचमी
10 फरवरी : माघ पूर्णिमा
24 फरवरी : महाशिवरात्रि