संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। कई स्थानों पर तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है, जबकि कुछ जगहों पर पानी तटबंध के बाहर निकलकर आबादी की ओर बढ़ने लगा है। इससे खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास के अनुसार बृहस्पतिवार शाम 4:00 बजे बैराज से 1.74 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा था। बढ़ते डिस्चार्ज के कारण गंगा की धारा शेरपुर नई बस्ती के समीप तटबंध से टकरा रही है। तेज बहाव ने वहां बनी ठोकर (स्टड) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पानी का वेग इतना अधिक था कि मौके पर तत्काल मरम्मत कार्य करना संभव नहीं है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, लेखपाल नीरज कुमार तथा थाना प्रभारी कमल शंकर त्रिवेदी मौके पर पहुंचे और तटबंध का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फतेहपुर प्रेम से मनोहरपुर गंगा पुल तक तटबंध की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों को तटबंध की लगातार निगरानी रखने तथा जहां भी कमजोरी दिखाई दे, वहां तत्काल सुरक्षा कार्य कराने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। इसकी क्षमता लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी का दबाव सहने की है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
नायब तहसीलदार सचिन चौधरी ने बताया कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। गंगा के बढ़ते हुए जल स्तर पर प्रशासन की नजर है। खादर क्षेत्र में सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं। लेखपालों को स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा में जलस्तर घटने और बढ़ने का क्रम लगातार चल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी तटबंध पर स्थित पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों ने जताई तटबंध टूटने की आशंका
रठौरा कला गांव के पूर्व प्रधान भजन सिंह, ग्राम प्रधान कालू सिंह, गुरप्रीत सिंह समेत कई ग्रामीण तटबंध का जायजा लेने पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि शेरपुर निस्ती के समीप गंगा की तेज धारा सीधे तटबंध से टकरा रही है, जिससे कटान लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो तटबंध कभी भी टूट सकता है।
गंगा का पानी जंगल तक पहुंचा
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगल तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भीकुंड, दूधली, बस्तौरा नारंग समेत आसपास के गांवों के चारों ओर गंगा का पानी फैलने लगा है। जंगलों में पानी भरने से ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गंगा जलस्तर अपडेट:
सुबह 6:00 बजे: बिजनौर बैराज से 1,75,530 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
दोपहर 12 बजे: बिजनौर बैराज से 1,65,429 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
शाम 4:00 बजे: बिजनौर बैराज से 1,74,187 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
तटबंध की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग की टीम स्रोत संवाद
तटबंध की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग की टीम स्रोत संवाद
तटबंध की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग की टीम स्रोत संवाद
तटबंध की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग की टीम स्रोत संवाद