जनवादी लेखक संघ मेरठ के 45वीं स्थापना दिवस पर विचार गोष्ठी में पहुंचे कवि और साहित्यकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। जनवादी लेखक संघ मेरठ के 45वीं स्थापना दिवस पर शनिवार को विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में लेखक, कवि, साहित्यकार और संस्कृति कर्मियों ने हिस्सा लिया। गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए जिला सचिव मुनेश त्यागी ने कहा कि भारतीय समाज में जातिवाद, छूआछूत, अंधविश्वास जैसी बुराइयों के खिलाफ जनवादी सोच और विचारधारा को फैलाना सबसे जरूरी है।
मुनेश त्यागी ने कहा कि लेखक केवल साहित्य तक सीमित नहीं रह सकते, उन्हें राजनीति, समाज और जन कल्याणकारी नीतियों पर भी नजर रखनी चाहिए। जिलाध्यक्ष रामगोपाल भारतीय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां चिंताजनक हैं। समाज में धर्म और जाति के नाम पर विभाजन बढ़ रहा है। शिक्षा संस्थानों का निजीकरण और सरकारी स्कूलों का बंद होना गरीब जनता और मेहनतकश वर्ग के हितों के खिलाफ है।
उप सचिव मंगल सिंह मंगल ने कहा कि शासक वर्ग की ताकतें धर्मांधता और अंधविश्वास फैलाकर जनता को भटका रही हैं। ऐसे में लेखकों को एकजुट कर सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करना और सांस्कृतिक चेतना फैलाना जरूरी हो गया है। जिला कमेटी सदस्य जितेंद्र पांचाल ने कहा कि लेखकों के साथ-साथ छात्रों और युवाओं को भी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक चेतना से अवगत कराना आवश्यक है। गोष्ठी की अध्यक्षता आगा मोहम्मद अली शाह ने की। संचालन जितेंद्र पांचाल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. ताहिर हनफी, शाहिद मिर्जा, इरफान जावेद सिद्दीकी, शहजाद सितारा, मनमोहन त्यागी, एसए बेताब, निजाम अंसारी, असद गालिब, मयंक त्यागी, संयम पांचाल, अंकुर फोगाट सहित कई लेखक, कवि और शायर उपस्थित रहे।