फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मुस्कान नाम से दोस्ती, विशाल की दुल्हन बनने के लिए सोनिया बनी शबाना; मां और प्रेमी ने किया मासूम का कत्ल

Sun, 02 Aug 2026 12:25 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में छह माह के मासूम बेटे समीर की हत्या में गिरफ्तार आरोपी मां को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शबाना ने मुस्कान नाम से दोस्ती की थी। विशाल की दुल्हन बनने के लिए सोनिया बन गई। शबाना ने फोन पर मुस्कान और विशाल के गांव जाने के बाद अपना नाम सोनिया बताया था।
विज्ञापन
meerut murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में छह माह के मासूम बेटे समीर की हत्या में गिरफ्तार सहारनपुर के दौलतपुर छन्नों गांव की शबाना ने इंस्टाग्राम की रील पर विशाल का नंबर देखकर उसे फोन किया था। तब उसने विशाल को अपना नाम मुस्कान बताया था। बेटे की हत्या के बाद जब वह विशाल की दुल्हन बनकर उसके गांव पहुंची तो उसने वहां अपना नाम सोनिया बताया था।
विज्ञापन


शबाना बच्चे की हत्या के बाद ही विशाल के साथ उसके गांव हापुड़ जिले के गांव मुदाफरा चली गई थी। 14 दिन तक वह विशाल के घर रही। तब विशाल ने परिजनों और गांववालों से कहा था कि उसने मेरठ में कोर्ट मैरिज कर ली थी।

वह शबाना को अपने ताऊ मुनेश के घर लेकर पहुंचा था। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता किसी टॉवर पर नौकरी करते हैं। उसकी मां नहीं है। उसका घर खंडहर हालत में है। उसने ताऊ व परिजनों से कहा था कि कुछ दिन में वह अपने घर को सही करा लेगा।

उसने परिजनों और ग्रामीणों को शबाना के असली नाम और धर्म के साथ उसके चार बच्चों की मां होने के बारे में भी नहीं बताया। शबाना भी महिलाओं को अपना नाम सोनिया बताती रही। विशाल से कोर्ट मैरिज करने की बात कहकर साथ रहने लगी थी।

बोली शबाना-बेटे को नहीं चाहती तो साथ क्यों लाती?
नौचंदी थाने में पुलिस हिरासत में शबाना से पूछा गया कि उसे अपने किए पर पछतावा है या नहीं। तब उसने गर्दन हिलाकर जवाब दिया कि हां। उससे जब पूछा गया कि कि बेटे पर तरस नहीं आया, तो उसने जवाब दिया कि वह बेटे को नहीं चाहती तो उसे अपने साथ नहीं लाती।

 

आरोपी बोला- सोते हुए मासूम को रखा था नाले किनारे
बच्चे को जिंदा नाले में फेंकने के बारे में पूछने पर विशाल ने बताया कि उसने समीर को सोते हुए नाले के किनारे रख दिया था। उसे नहीं पता कि वह नाले में कैसे गिर गया।
 

बच्चे को लेकर किया गुमराह
आसपास के लोगों का कहना है कि हापुड़ से लौटने के बाद शबाना बच्चे के बारे में पूछने पर अक्सर टाल देती थी। किसी को भी यह आभास नहीं होने दिया कि मासूम समीर अब इस दुनिया में नहीं है। शनिवार को लोगों को मामले का पता चला तब हर कोई हैरान था।

 

फोटो देखकर की थी पहचान
सहारनपुर पुलिस बीती 26 जुलाई को मां-बेटे को तलाश में मुदाफरा गांव पहुंच गई। यहां से पुलिस शबाना को अपने साथ ले आई। 29 जुलाई को शबाना के बताने पर ही गंगोह पुलिस बच्चे की शिनाख्त के लिए नौचंदी थाने पहुंची थी। 30 जुलाई को इमरान व अन्य परिजनों ने भी नौचंदी थाने पहुंचकर फोटो के आधार पर बच्चे की पहचान की थी।

बेटी से मिलने मेरठ नहीं आए शबाना के परिजन
शबाना के पति इमरान ने बताया कि उसकी पत्नी के इंस्टाग्राम चलाने के बारे में उसे जानकारी नहीं थी। शबाना विशाल से बात करती है, इसकी भी उसे जानकारी नहीं थी। शबाना को जब वह पुलिस की मदद से विशाल के घर से लाया तब भी उसने बच्चे की हत्या की बात छिपाई थी।

 

इमरान से पूछा कि शबाना के परिजन बेटी से मिलने मेरठ क्यों नहीं आए, तब इमरान ने बताया कि वह बच्चे की हत्या पर संवेदना प्रकट करने उनके घर आए थे। उन्होंने कहा कि शबाना और विशाल को फांसी होनी चाहिए। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में बीएनएस की धारा 61 (2) बढ़ाई है और शबाना का नाम भी शामिल कर लिया गया है। 

इमरान ने कर्ज लेकर पत्नी को दिलाया था मोबाइल
सहारनपुर के गंगोह के दौलतपुर छन्नों के रहने वाले इमरान ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पत्नी शबाना को दिया मोबाइल उसकी गृहस्थी उजड़ने का कारण बन जाएगा। पहली पत्नी के इंतकाल के बाद इमरान ने सहारनपुर की शबाना से दूसरी शादी की। 
 

शबाना की भी यह दूसरी शादी थी। इमरान के साथ शादी होने के बाद वह अपने 10 वर्षीय बेटे आहद को साथ लाई थी। दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए। आसपास के लोगों का कहना है कि इमरान मजदूरी करता था। कुछ समय पहले उसने शबाना को कर्ज लेकर मोबाइल दिया था।
विज्ञापन

बच्चे के शव की पहचान के लिए फोटो अन्य जिलों के साथ सहारनपुर भी भेजे गए थे। नौचंदी थाना इलाके की पंचशील कॉलोनी के खुले नाले से बच्चे का शव मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे थे। जहां पर शव मिला था वहां सीसीटीवी नहीं लगा था। विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें