लावड़(मेरठ)। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशुपालकों को अब चिकित्सालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सरकार की विशेष योजना के तहत अब चयनित गांव में पशुओं का नि:शुल्क कृत्रिम गर्भधारण किया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ लेने वाले पशुपालकों को बीमा कराने में दिक्कत नहीं आएगी।
यह योजना की गई लागू
सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू की है। इसके तहत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गांवों को चयनित किया गया है। जिनमें नि:शुल्क गाय एवं भैंस का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इस योजना के तहत पशुपालकों को सबसे पशु की पहले इयर टेगिंग करानी होगी। इससे पशु का बीमा कराने में भी सहायता मिलेगी।
लावड़ में 9 व दौराला ब्लॉक में 6 गांव चयनित
इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए पशु चिकित्सालय लावड़ अंर्तगत आने वाले चिंदौड़ी, चरला, महलका, खेड़ी टप्पा, मवीमीरा, अझौता, महल व दौराला के पावली खास, धंजू, मछरी आदि गांव चुने गए हैं। इन गांव को चयनित करने के बाद टीम द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक लावड़ क्षेत्र के चयनित नौ गांव में लगभग 446 पशुपालकों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है।
30 रुपये लिया जाता था चार्ज
इस योजना के लागू होने से पहले पशुपालकों को गाय व भैंस का कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए पशु चिकित्सालय पर जाना होता था। यहां उनसे कृत्रिम गर्भधारण के लिए 30 रुपये शुल्क लिया जाता था। इस योजना के लागू होने के बाद चयनित गांव के पशुओं का नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा दी गई है। यह सुविधा उन पशुपालकों को मिलेगी जो पहले पशुओं की इयर टेगिंग कराएंगे। योजना लागू होने के बाद पहले हर गांव से सौ गाय एवं सौ भैंस का कृत्रिम गर्भधारण करना था। गांवों की संख्या बढ़ने के बाद लक्ष्य घटाकर 35-35 कर दिया है।
टीम कर रही काम
टीम लगातार काम कर रही है। अब तक 446 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कर चुकी है। इस योजना के लागू होने के बाद पशुपालकों को काफी लाभ मिलेगा। चयनित गांव के पशुपालकों को लाभ लेने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।-डॉ. नीलम सचान, पशु चिकित्साधिकारी लावड़ पशु चिकित्सालय