लालकुर्ती में जूते की दुकान के सेल्समैन से दोस्त ने ही धोखाधड़ी कर दी। उसके खाते में साइबर ठगी का रुपया मंगा लिया। एक माह तक खाते से ट्रांजेक्शन करता रहा। खाता सीज हुआ तो युवक को दोस्त की हरकतों के बारे में जानकारी हुई। लालकुर्ती थाने में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
लालकुर्ती के बैंक स्ट्रीट निवासी सुवालीन ने बताया कि वह एक दुकान पर सेल्समैन है। उसके साथ प्रहलाद नगर निवासी शाकिब भी काम करता है। एक दिन शाकिब उसके पास आया। कहा कि उसके खाते में दिक्कत आ रही है। उसे दोस्त से कुछ रुपये लेने हैं, वह उसके खाते में रुपया ट्रांसफर करा रहा है। उससे एटीएम मांगा ताकि जमा रुपया वापस निकाल सके। सुवालीन का आरोप है, विश्वास कर उसने शाकिब को खाता नंबर व एटीएम दे दिया। एक माह बाद शाकिब ने उसका एटीएम कार्ड उसे वापस कर दिया। कुछ दिन बाद सुवालीन बैंक से रुपये निकालने पहुंचा तो पता चला कि उसका खाता सीज है। बैंक प्रबंधक से पूछा तो उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम थाने ने खाता सीज करा दिया है। उसके खाते में साइबर ठगी का रुपया आया है। यह रुपया निकाला भी गया है। इस खेल में उसके साथ साकिब के तीन अन्य दोस्त भी शामिल है। सुवालीन की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीओ कैंट एएसपी नवीना शुक्ला का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।