मुजफ्फरनगर जिले में एसबीआई की 20 शाखाओं में किसानों के केसीसी के खातों में तीन प्रतिशत का ब्याज का पैसा वापस नहीं मिलने का मामला सामने आ गया है। 812 किसानों के खाते अब तक चिह्नित हो चुके हैं, जिनको सरकार की ब्याज की छूट से वंचित किया गया। बैंक 703 केसीसी में पैसा वापस करने की कार्रवाई कर चुका है। ऐसा लग रहा है कि एसबीआई की जिले की सभी शाखाओं में खेल हुआ है।
किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को केंद्र सरकार विशेष सुविधा देती है। किसान को दो प्रतिशत ब्याज की छूट करते हुए सात प्रतिशत पर ऋण दिया जाता है। इसके बाद यह प्रावधान किया गया है कि जो किसान एक वर्ष की सीमा से पहले अपना पैसा जमा करेगा उसे तीन प्रतिशत ब्याज में और अधिक छूट मिलेगी।
केवल किसान को चार प्रतिशत ब्याज ही देना होगा। जिले में भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में किसानों का तीन प्रतिशत उनके खातों में वापस आया ही नहीं। 365 दिन से पहले पैसा जमा करने के बाद भी किसानों से पूरा सात प्रतिशत ब्याज वसूला गया। शुरुआत में एक दो किसानों ने शिकायत की लेकिन बाद में मामला सामने आता गया। जब सैकड़ों किसानों की शिकायत सामने आई तो एलडीएम अमित बुंदेला ने एसबीआई से अपनी ब्रांचों की जांच कराने को पत्र लिखा।
अमर उजाला ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जांच शुरू हुई तो किसानों की बात सच साबित हुई। अभी तक जिले की बीस शाखाओं में जांच चल रही है। इनमें 812 किसानों के खाते ऐसे सामने आए, जिन्हें पात्रता के बाद भी तीन प्रतिशत का लाभ नहीं दिया गया। इनमें 703 किसानों के केसीसी में पैसा वापिस करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। जांच लगातार जारी है।
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