बगैर पिलर के ही बनाया कमरा
जाकिर हुसैन कॉलोनी निवासी रेशमा पत्नी अशरफ ने बगैर पिलर के एक कमरा बनाया है। संस्था ने एक ही प्लॉट पर रेशमा व मोहम्मद दीन की जियो-टैगिंग की है। रेशमा ने अपना मकान किराये पर दिया हुआ है। प्रतीत होता है कि दोनों लाभार्थियों के आवास अन्य स्थानों पर हैं।
यह भी पढ़ें: UP: CCSU में राज्यपाल आज देंगी छात्र-छात्राओं को मेडल, गंगानगर में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़, दो गिरफ्तार
कभी भी गिर सकता है मकान
उज्ज्वल गार्डन फतेहउल्लापुर निवासी इकबाल पुत्र शौकत अली ने पीएम आवास योजना में निर्माण सामग्री घटिया लगाई हुई है। यह मकान कभी भी गिर सकता है। जांच टीम ने लाभार्थी का नाम डीपीआर से खारिज करने की सलाह दी है।
दूसरे की भूमि पर की फर्जी जियो टैगिंग
उज्ज्वल गार्डन फतेहउल्लापुर निवासी नाहिद पुत्र अब्दुल खालिद के आवास की जांच में खुलासा हुआ है कि संस्था ने नाहिद के मकान की जियो टैगिंग सूची जियाउलहक व शमशाद की भूमि पर फर्जी तरीके से कर दी है।
मानकों के अनुरूप छत का निर्माण नहीं
भगवतपुरा निवासी कमलेश के मकान की छत मानकों के अनुसार नहीं मिली। वहीं, गणेशपुरी निवासी राजरानी के मकान की छत मानकों के अनुरूप नहीं है।
नहीं बनवाया मकान, खाते में भेज दी धनराशि
किशनपुरा निवासी सुमन किराये के मकान में रहती हैं। इन्होंने आवास का निर्माण नहीं कराया। इनकी सास राजबाला के मकान पर जियो टैगिंग कर दो लाख रुपये जारी कर दिए।
(जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, यह सिर्फ उदाहरणभर हैं। सभी 47 मकानों में इसी तरह की गड़बड़ी की गई है।)
शासन द्वारा चयनित संस्था पर निगरानी की जिम्मेदारी थी, उन्होंने अपना काम सतर्कता से नहीं किया है। जियो टैगिंग में लापरवाही की गई है। -चंद्रभान सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा।
शिकायत पर योजना के 47 आवासों की जांच की है। जियो टैगिंग में लापरवाही समेत कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोपियों पर शासन स्तर से कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जा चुकी है। -डॉ. अमरेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट।