मेरठ। गगोल में शीघ्र संचालित होने वाले ऑटोमेटिक दुग्ध प्लांट के खेवनहार मेरठ मंडल के 36500 किसान बनेंगे। अधिक क्षमता वाले नए प्लांट में कुछ अतिरिक्त उत्पाद तैयार किए जाएंगे। वहीं, दूध की आवक बढ़ाने के लिए चार हजार नए किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए पराग दुग्ध संघ ने तैयारी शुरू कर दी है। कुछ नई दुग्ध समितियां खोली जाएंगी। दूध प्लांट की प्रतिदिन क्षमता 3.5 लाख लीटर की है। नया प्लांट शुरू होने पर प्लांट की क्षमता 4 लाख लीटर हो जाएगी।
गगोल में वर्ष 1978 में दुग्ध प्लांट लगाया गया था। इसे पराग दुग्ध संघ चला रहा है। प्लांट में लगीं मशीनें बूढ़ी हो चुकी हैं। दस साल पहले गगोल में ही पुराने प्लांट के निकट ऑटोमेटिक नया दुग्ध प्लांट लगाने की नींव रखी थी। छह माह में नया दुग्ध प्लांट शुरू हो जाएगा। फिलहाल मंडल के जनपदों में 1005 दुग्ध समितियां संचालित हैं। इनसे 32416 किसान जुड़े हैं। जिले में 493 दुग्ध समितियां संचालित हैं, वहीं बुलंदशहर से भी 290 दुग्ध समितियों का दूध गगोल पहुंच रहा है। दोनों ही जिले ऐसे हैं जिनके किसान पराग दुग्ध संघ से जुड़े हैं। मंडल के जिलों में दुग्ध समितियां : मेरठ में 493, बागपत में 84, हापुड़ में 74, गाजियाबाद में 17, गौतमबुद्धनगर में 47, बुलंदशहर में 290 समितियां हैं। इन समितियों से 32416 किसान अभी जुड़े हैं।
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नए दुग्ध प्लांट की क्षमता पुराने से अधिक है। इसलिए मंडल में 1100 नई दुग्ध समितियां खोली जाएंगी। पराग दुग्ध संघ किसानों को उचित लाभ पहुंचाने का काम करेगा। कुछ नए उत्पाद भी बनाए जा सकेंगे। नया प्लांट ऑटोमेटिक है। - पंकज कुमार, महाप्रबंधक पराग दुग्ध संघ गगोल