माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रोहटा पुलिस और स्वाट टीम ने मुठभेड़ के दौरान अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दिल्ली से चोरी की गई फार्च्यूनर और क्रेटा कार बरामद हुई है। यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा, एनसीआर से लग्जरी गाड़ियां चोरी करके फर्जी दस्तावेज तैयार कर गाड़ियों के पश्चिम बंगाल में ले जाकर बेचते है। पकड़े गए चारों सदस्य चोरी की गई कारों पश्चिम बंगाल के न्यूजलपाईगुडी तक पहुंचाने का काम करते है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्याें की तलाश में लगी है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। बताया कि रोहटा पुलिस और स्वाट टीम काे सूचना मिली थी कि वाहन चोर चोरी की लग्जरी गाड़ियों को दूसरे राज्याें में बेचने जा रहे हैं। बुधवार रात करीब 01:25 बजे मढ़ी बम्बा रोड पर पुलिस ने दो गाड़ियों में सवार लोगों को रुकने का इशारा किया तो कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने चार आरोपियों मुजफ्फरनगर जनपद के जानसठ थाना क्षेत्र के गांव बसायच निवासी आकिल उर्फ दिलशाद, माधवपुरम मेरठ निवासी माजिद खान उर्फ शहजाद, बुढ़ाना क्षेत्र के गांव जोला निवासी आलिम और पांचली सरूरपुर निवासी कासिम को गिरफ्तार किया। इनके पास से तमंचा, कारतूस, दो लक्जरी कार टोयोटा फार्च्यूनर व हुडंई क्रेटा के अलावा गाड़ियों के फर्जी कागजात बरामद हुए। आकिल के खिलाफ 15 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में बताया कि गिरोह में छह अन्य सदस्य हैं। बशीर निवासी पिठलोकर, मास्टर उर्फ मशरूफ निवासी सुल्तानपुर और नदीम ने उन्होंने यह दोनों कार पश्चिम बंगाल छोड़ने को दी थी। दोनों कार दिल्ली से चोरी की गई हैं। चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
हाईवे से जाते थे, ट्रेन से लौटते हैं
एसपी ने बताया कि कासिम और आलिम फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। मास्टर उन्हें मैसेज भेजता था कि कारों को न्यूजलपाईगुडी में किसे सौंपना है। नदीम के कहने पर ये लोग चोरी की कारों को दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, पटना हाईवे से होकर न्यूजलपाईगुडी जाते थे। वहां कार देकर ट्रेन में सवार होकर दिल्ली आते थे। यहां आने के बाद नदीम इन्हें कार पहुंचाने के ऐवज में पैसे देता था। ये चारों दूसरी बार कारों को न्यूजलपाईगुडी छोड़ने जा रहे थे। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने पर पता चलेगा कि गिरोह अब तक कितने लग्जरी कारों को चोरी करके अन्य प्रदेशों में बेच चुके हैं।