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यूपी हादसे में चार की मौत: फ्लाईओवर से उतरकर करनी थी पूजा, 5 मिनट पहले हादसा; मां की ज्योति लाने निकले थे सभी

Sun, 11 Oct 2026 03:21 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

सहारनपुर के देवबंद में मां शाकंभरी देवी से ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को शनिवार सुबह देवबंद हाईवे पर तेज रफ्तार कैंटर ने रौंदते हुए आगे चल रही ज्योति, ट्रॉली और डीजे वाहन को भी टक्कर मार दी। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 15 घायल हो गए।
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Saharanpur road accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सहारनपुर के देवबंद में मां शाकंभरी देवी से ज्योत लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं ने सोचा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले उन्हें ऐसे दर्दनाक हादसे का सामना करना पड़ेगा। फ्लाईओवर से नीचे उतरकर पूजा-अर्चना करनी थी। उससे पहले ही तेर रफ्तार कैंटर मौत बनकर आ गया। मां के जयकारे रुदन में बदल गए। हादसे में घायल रजनीश ने खौफनाक मंजर को बयां किया।
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सरधना के कुशावली निवासी रजनीश ने बताया कि सभी लोग फ्लाईओवर पर कुछ देर आराम करने के लिए रुके थे। इसी दौरान पीछे से आए कैंटर ने उन्हें ऐसे चपेट में लिया कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। अचानक हुए हादसे के बाद रजनीश को काफी देर तक समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जब उसने आसपास नजर दौड़ाई तो साथी खून से लथपथ पड़े थे। 

किसी को गंभीर चोट लगी थी तो कोई दर्द से कराह रहा था। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और मदद के लिए शोर मचाने लगा। रजनीश की आवाज सुनकर राहगीर मदद के लिए दौड़े और घायलों को संभालने में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
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मां की ज्योति लाने निकले थे, हादसे ने बुझा दिए कई घरों के चिराग
गांव में खुशहाली के लिए पांच साल से लगातार मां की ज्योति लाने जाने वाली टोली पर इस बार मौत ने ऐसा झपट्टा मारा, जिसने पूरे गांव को शौक में डाल दिया। इससे एक ओर जहां कई घरों के चिराग एक साथ बुझ गए, वहीं, गांव में खुशहाली आने की बजाय आफत टूट पड़ी।

 

गांव कुशावली निवासी मोहित, अभिषेक ने बताया कि हर साल श्रद्धालुओं की टोली मां की ज्योति लेने के लिए शाकंभरी देवी जाती थी। करीब पांच साल से यह सिलसिला जारी था। ज्योत को गांव में लाने के बाद उसे प्राचीन शिव मंदिर में विधि-विधान से स्थापित किया जाता था। इसके बाद ग्रामीण मंदिर में पूजा-अर्चना कर गांव की खुशहाली, सुख-समृद्धि और परिवारों की सलामती की प्रार्थना करते थे।

इस बार भी श्रद्धालु इसी आस्था के साथ घर से निकले थे। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार टोली में लोगों की संख्या भी अधिक थी। करीब 25 से 30 लोग ज्योत लेने के लिए गए थे। मां शाकंभरी देवी से ज्योत लेकर लौटते समय देवबंद में मौत ने झपट्टा मारा। रास्ते में हुए हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। श्रद्धालुओं ने सोचा भी नहीं था कि हादसे का शिकार हो जाएंगे। पांच साल पुरानी आस्था की यह यात्रा इस बार गांव के लिए कभी न भूलने वाला हादसा बन गई।

एक पल में मातम में बदल गईं खुशियां
देवबंद में फ्लाईओवर पर हुए हादसे हादसे का मंजर देखकर हर किसी का दिल कांप गया। हादसा इतना भीषण था कि एक पल में सब खत्म हो गया। हादसे में किसी का सिर फटा तो किसी की छाती में अधिक चोट आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती में अधिक चोट की वजह से मौत होना आया है। इसके अलावा पेट के नीचे का हिस्सा भी बुरी तरह खत्म था।

 

माता की ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को कैंटर ने रौंदा, चार की मौत, 15 घायल
सहारनपुर के देवबंद में मां शाकंभरी देवी से ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को शनिवार सुबह देवबंद हाईवे पर तेज रफ्तार कैंटर ने रौंदते हुए आगे चल रही ज्योति, ट्रॉली और डीजे वाहन को भी टक्कर मार दी। हादसे में मेरठ के सरधना निवासी अमन (23), रमेश उर्फ बिल्लू (45), सागर (25) और सतेंद्र (40) की मौत हो गई, जबकि 15 श्रद्धालु घायल हो गए। पुलिस ने चालक-परिचालक को हिरासत में ले लिया है। कैंटर को क्लीनर चला रहा था, जबकि चालक पीछे सो रहा था। क्लीनर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ।

 

मेरठ की सरधना तहसील क्षेत्र के गांव कुशावली के 19 श्रद्धालु सात अक्तूबर को माता शाकंभरी देवी के दर्शन करने आए थे। शनिवार सुबह करीब सात बजे सभी माता की ज्योति लेकर पदयात्रा करते हुए लौट रहे थे। देवबंद में हाईवे पर स्थित फ्लाईओवर पर श्रद्धालुओं ने रस्सी का घेरा बनाया और कुछ देर के लिए रुक गए।

उनके साथ चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे लगा छोटा हाथी वाहन और माता की ज्योति से सजी रेहड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दी। इसके कुछ श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्राॅली में जाकर बैठ गए और कुछ फ्लाईओवर से नीचे चले गए, जबकि कुछ श्रद्धालु ज्योति के पास खड़े रहे।

इसी बीच पीछे से आया बर्तनों से लदा तेज रफ्तार कैंटर श्रद्धालुओं को रौंदते हुए ज्योति वाले रेहड़े को तोड़कर उसके आगे खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा टकराया। इसमें श्रद्धालुओं के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अपनी गाड़ियों, राहगीरों की बाइकों और एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया।

सीएचसी पर चिकित्सकों ने अमन, रमेश उर्फ बिल्लू को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में सागर और सतेंद्र की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कैंटर क्लीनर चला रहा था। चालक पीछे वाली सीट पर सो रहा था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
 

हादसे में यह श्रद्धालु हुए घायल
हादसे में सुमित (19), बिट्टू (22), वंश (17), कुलदीप (29), नरेंद्र (60), मोनू (23), मन्नू (9), निखिल (18), सन्नी (23), रवि (45), जितेंद्र (22), विक्रांत (20), रजनीश (40), अंकुर (24) और ऋतिक (14) घायल हो गए। इनमें आठ घायलों को गंभीर हालत में मेरठ, जबकि अन्य को सहारनपुर रेफर किया गया।
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कैंटर चालक और परिचालक को हिरासत में लिया है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- अभिनंदन सिंह, एसएसपी
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