अधिकारियों के मुताबिक चालक श्रीकांत राणा नींद की झपकी लेने के कारण सही सिग्नल नहीं देख पाया और गलत ट्रैक पर गाड़ी दौड़ा दी। गनीमत रही चार डिब्बे ही पटरी से उतरे। इससे चालक की घोर लापरवाही उजागर हुई है।
समय रहते गार्ड ने कर लिया ध्यान
गार्ड सुनील कुमार ने समय रहते ध्यान कर लिया गया। अन्यथा गाड़ी पलट भी सकती थी। गलत लोकेशन में जाते देख गार्ड ने चालक को वायरलेस कर सूचना दी कि गाड़ी गलत दिशा में जा रही है। गाड़ी को सहारनपुर के लिए जाना है, लेकिन मालगाड़ी मुरादाबाद की ओर जा रही है। हड़बड़ाकर चालक ने जैसे ही गाड़ी का गियर चेंज किया तो अनियंत्रित होकर डिब्बे पटरी से उतर गए।
छह घंटे तक बाधित रहा रेलमार्ग
सुबह करीब चार बजे हादसा होने के बाद नजीबाबाद-मुरादाबाद पैसेंजर और लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन प्रभावित हुई। दोनों ट्रेन को बीच में ही रोक दिया गया। इससे मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यवस्था को दुरुस्त करने के बाद इन गाड़ियों का संचालन शुरू करा दिया गया।
एडीआरएम शरद श्रीवास्तव ने बताया कि मामला गंभीर है। जिस कर्मचारी की भी लापरवाही सामने आएगी उस पर कार्रवाई की जाएगी। एडीआरएम के मुताबिक उन्होंने रेलवे की संयुक्त टीम को जांच रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सौंपने को कहा है।
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