पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर विरोध जताया। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के अधिकारियों पर मुख्यमंत्री की कमांड नहीं है। मुख्यमंत्री को प्रशासनिक ज्ञान नहीं है। अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। उनका अपना सचिवालय उन्हें धोखा दे रहा है। मुझे प्रदेश अध्यक्ष से कोई शिकायत नहीं है। मुख्यमंत्री जी कमजोर हैं। हमें जनता के बीच अभी साढ़े तीन साल बिताने हैं। एक तरफ जनता आरक्षण वाले मामले से दुखी है और दूसरी तरफ अधिकारी बिना पैसे लिए काम नहीं करते हैं। अधिक समय तक दिल और दिमाग को घोंटकर नहीं रहा जा सकता है। इसलिए वह भाजपा से इस्तीफा दे रही हैं। इससे पूर्व भी शशिबाला पुंडीर ने जनता से किए वायदे पूरे न करने पर भाजपा सरकारों का विरोध किया है।
जनता से किए वायदे नहीं किए पूरे: पुंडीर
पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम दिए गए इस्तीफे में कहा कि आपने मुझे हमेशा सम्मान दिया है। मैं दो सप्ताह पूर्व भी आपसे मिली थी। उत्तर प्रदेश में अधिकारी निरंकुश हो चुके हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कई बार मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर प्रमुख सचिव आवास के भ्रष्टाचार से अवगत करा चुकी हूं। मुख्य सचिव को पूरी बात बताई गई थी, वह मेरी बात से सहमत थे। चुनाव में जनता से किए वायदे सरकार ने पूरे नहीं किए हैं। बड़गांव क्षेत्र के गांव जड़ौदापांडा के किसानों को गंगनहर से पानी देने का वायदा किया गया था, जो पूरा नहीं हुआ है। जनपद के किसानों से पैसा लेकर ट्यूबवेल के कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन अब कनेक्शन काटे जा रहे हैं। विद्युत निगम के एमडी से शिकायत करने पर जांच में अधिकारी दोषी पाए गए, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री को अवगत कराने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। शब्बीरपुर कांड में जिला कारागार में बंद युवकों की सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों को छोड़ दिया गया। इसलिए वह इस्तीफा दे रही हैं।
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