एक छक्का और मार के दिखाओ
सिटी वोकेशनल एकेडमी में सीनियर कोच 58 वर्षीय विपिन वत्स ने बताया 1986 में मेरठ के जिमखाना मैदान में रमेश सोमाल मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में साथ खेले। स्टेट बैंक की तरफ से यशपाल शर्मा व अशोक मल्हौत्रा खेले। मोहन मिकेन टीम की तरफ से खेलते हुए हमने स्टेट बैंक को हरा दिया था।
फिरोजशाह कोटला में 1887 में मैच के दौरान यशपाल शर्मा की गेंद पर छक्का मारा, उन्होंने कहा एक और मार के दिखाओ। मैंने कहा यहीं गेंद डालो, उन्होंने डाली मैंने फिर कवर पर छक्का जड़ दिया। जिसके बाद वो मुझे पटियाला मैच खेलने लेकर गए। जहां युवराज के पिता योगराज सिंह की गेंद पर भी छक्का जड़ा। आखिरी मैच काशीपुर नैनीताल में 1996 में साथ खेले। साउथ दिल्ली, सोनट, दिल्ली जिमखाना से खेले।
1999-2000 में यूपी टीम के कोच बनकर आए
1999-2000 यशपाल शर्मा रणजी मैच में यूपी के कोच के तौर पर मेरठ आए। राजस्थान के खिलाफ यूपी से खेल रहे मेरठ के मनोज मुद्गल ने 80 व कैफ ने शतक जड़ा था। मनोज मुद्गल ने बताया यशपाल शर्मा हसमुख व जौली नेचर के थे। छोटों में छोटा बनकर खूब मजाक करते थे। रणजी मैच के दौरान उन्होंने लंच व डिनर सुभाषचंद शर्मा के घर पर ही किया।
खेल जगत के लोगों ने जताया दुख
यूपीसीए सचिव युद्धवीर सिंह, बीसीसीआई पिच क्यूरेटर रविन्द्र चौहान, एमडीसीए सचिव सुरेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल, कोच संजय रस्तौगी, विपिन वत्स, कोच अतहर अली, मौ. शाहिद, तनकीब अख्तर, नलिन अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने दुख जताया।