पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई ने बताया कि गांव सतवाई स्थित उनके घर के सामने एक मकान में कई माह से देर रात तक कुछ युवक शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। वे रास्ते में गुजरने वाली महिलाओं पर तंज कसते हैं। इनको कई बार रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
उन्होंने बताया कि बुधवार रात भी इन युवकों को समझने का प्रयास किया। उस समय वे वहां से चले गए। उन्होंने कुछ देर बाद आकर गाली गलौज की और फायरिंग कर जानलेवा हमला किया। सुरक्षाकर्मी अरुण कुमार के बीच में आने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। मामले में केस दर्ज होने पर और सौरभ की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे भाकियू जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रोहटा थाने पर प्रदर्शन किया और धरना देकर बैठ गए।
जिलाध्यक्ष का आरोप था कि भाजपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई ने उनके समर्थकों पर फायरिंग का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। कार्यकर्ताओं ने सात घंटे थाने पर नारेबाजी करते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ता पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा कायम करने की मांग करने पर अड़ गए और हंगामा करने लगे।
सौरभ को जमानत देकर छोड़ा
भाकियू के जिला सचिव हर्ष चहल ने कहा कि अगर फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन होगा। हंगामा ज्यादा बढ़ता देख थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। धरने पर बैठे भाकियू के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक के आरोपों को निराधार झूठा बताया और कहा कि एक जमीन की खरीद की रंजिश को लेकर पूर्व विधायक ने इन्हें झूठा फंसाया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सौरभ को थाने से ही जमानत देकर परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
एसएसपी करेंगे जांच
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि एसपी देहात अभिजीत कुमार को इस मामले की जांच सौंपी गई है। वह तीन दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। इसके बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।