कालागढ़ में बाघ रक्षक अभियान के तहत नागरिकों को वन्यजीवों से बचाव के तरीके बताते वन अधिकारी। स
- बरसात के दिनों में वन्यजीव आबादी में कर रहे विचरण
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। कालागढ़ की आबादी क्षेत्र में बाघ रक्षक अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मानव वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए वन विभाग जनता को जागरूक कर रहा है।
बरसात के दौरान वनों में पानी भर जाने व अन्य कीट पतंगों के सक्रिय हो जाने से वन्यजीव जंगलों से बाहर का रुख कर लेते हैं। ऐसे में मानव वन्यजीव संघर्ष की आंशका बढ़ जाती है। गत वर्ष जुलाई माह में केन्द्रीय काॅलोनी में एक महिला को बाघ से घर में घुसकर हमला कर उसकी जान ले ली थी। जिसको लेकर वन विभाग अभी से सचेत हो गया है। अधिकारी व कर्मी कालागढ़ की नई काॅलोनी, केंद्रीय काॅलोनी आदि में बाघ रक्षक अभियान चला रहा है। जिसके तहत जनता को जागरूक करते हुए रात में घरों से बाहर नहीं निकलने व जंगलों के आसपास न जाने, घरों के आसपास सफाई रखने, शाम से सुबह तक घरों के आसपास बिजली का प्रकाश रखने आदि की सलाह दे रहा है।
- वन्यजीवों के नियंत्रण के लिए जनसहयोग आवश्यक
वन क्षेत्राधिकारी मनीष कुमार के अनुसार कालागढ़ में बाघ, गुलदार व हाथी का विचरण बढ़ जाता है। जिससे यहां के नागरिकों के साथ वन्यजीव संघर्ष की घटना की संभावना हो सकती है। इस संघर्ष को कम करने के लिए गश्ती दलों के अलावा जनता का सहयोग भी जरूरी है।