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Meerut News: विदेशी कारतूस तस्कर सक्षक मलिक ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

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मेरठ। विदेशी कारतूसों की तस्करी के मामले में आरोपी अंतरराष्ट्रीय शूटर सक्षम मलिक उर्फ शौर्य मलिक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। करीब दो माह से एसटीएफ उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इस मामले में जेल में बंद अनिल बंजी गिरोह के सदस्य राशिद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी एसटीएफ कर चुकी है।
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एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि चार फरवरी को पल्लवुपरम क्षेत्र में राशिद अली निवासी गांव जौला जिला मुजफ्फरनगर की गिरफ्तारी हुई थी। राशिद अपनी टैक्सी में 1975 इटली मेड कारतूस लेकर मेरठ आया था। कारतूस की डिलीवरी मेरठ में एक व्यक्ति को की जानी थी। राशिद ने खुलासा किया था कि उसे यह कारतूस देहरादून में इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग स्पोर्ट्स में रहने वाले नेशनल शूटर सक्षम मलिक निवासी पल्ल्लवपुरम मूल निवासी मुजफ्फरनगर और अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा ने दिए थे। सक्षम मलिक मेरठ के पल्लवपुरम स्थित पैसिफिक हाइट्स का रहने वाला है। राशिद अली को जेल भेजने के बाद एसटीएफ ने सबूत जुटाए। राशिद अली की लोकेशन भी राणा इंस्टीट्यूट आफ शूटिंग स्पोर्ट्स की मिली। राशिद अली के मोबाइल की कॉल डिटेल में भी समक्ष मलिक से बातचीत होनी पाई गई। एसटीएफ की जांच में सुभाष राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाया है। इस पर एसटीएफ ने सुभाष राणा को क्लीन चिट दे दी। सक्षम मलिक ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जबकि राशिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए डीएम डाॅ. वीके सिंह से अनुमति मांगी गई है। जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।



गुड्डू चाचा काे तलाश रही एसटीएफ

कारतूसों की तस्करी में गुड्डू चाचा का भी नाम सामने आया था। एसटीएफ की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसके नाम का भी जिक्र है। वह भी कारतूसों की तस्करी में अहम भूमिका निभाता है। राशिद ने पूछताछ में बताया था कि सक्षम मलिक ने ही उसे शूटिंग रेंज में बुलाया था। उसके बाद वहां पर सुभाष राणा और गुड्डू चाचा मिले थे। गुड्डू चाचा ने कारतूस कार में रखवाए थे। उसके बाद मेरठ में सप्लाई देने की बात कही थी। सक्षम मलिक ने बताया था कि मेरठ में रुड़की रोड पर ही सप्लाई देनी है। बताया गया यह खेप संजीव जीवा के गुर्गे को देनी थी।
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