दलित महिलाओं ने विसर्जित की देवताओं की मूर्तियां
सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद गिरफ्तार हुए भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद उर्फ 'रावण' की रिहाई की मांग को लेकर दलित महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में विसर्जन कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।
जातीय हिंसा के बवाल में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश से खफा दलित महिलाओं ने शुक्रवार को तहसील पहुंचकर हंगामा किया। करीब डेढ़ घंटा तक प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बवाल काटा। वह गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग कर रही थीं। इसके बाद महिलाएं जुलूस के रूप में दिल्ली रोड हाईवे घसौती चौक पहुंची जहां उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में विसर्जन कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
सहारनपुर में तनाव बरकरार
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद 11 मई को रामपुर मनिहारान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में मौके से एक दर्जन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 12 अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नामजद युवकों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है। जिससे नाराज दलित महिलाएं शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे नारेबाजी करती हुई तहसील में पिछले गेट से दाखिल हुई। वहां महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
उनका कहना था कि पुलिस ने उनके समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेजा है और अन्य फर्जी नामजदगी कर युवकों के घरों पर दबिश दी जा रही है। उनके समाज को रविदास मंदिर तक में बैठने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में आरएसएस के कार्यक्रम चल रहे हैं और दलित समाज की शांति पूर्ण बैठकों पर रोक लगाई जा रही है। इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अब्दुल कादिर को सौंपा।
चंद्रशेखर को चुनिंदा लोगों से ही मिलने की अनुमति
विसर्जित की देवताओं की मूर्तियां
जिला कारागार की तन्हा बैरक नंबर 9 में बंद चंद्रशेखर उर्फ रावण अब सिर्फ अपने परिवार के लोगों से मिलने को ही प्राथमिकता दे रहा है। अन्य लोगों में भी सिर्फ चुनिंदा लोगों से ही मिला है। प्रशासन ने भी उससे अन्य लोगों से मिलने पर पाबंदी लगा दी है। राजनीतिक एवं कुछ अन्य संगठनों के लोगों में चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद जेल में मिलने की होड़ सी मची हुई है। चंद्रशेखर से मिलने के बाद बयानबाजी की जा रही है। जिस पर प्रशासन ने रावण से मिलाई करने पर रोक लगा दी है। रावण भी अब सभी लोगों से मिलने की बजाय चुनिंदा लोगों से ही मिल रहा है। खासकर अपने परिवार के लोगों से ही उसकी बातचीत हो रही है। दो दिन पहले उससे मिलने गए एक नेता एवं कुछ संगठनों के पदाधिकारियों से भी उसने मिलने से इंकार कर दिया। अब कुछ नेता जेल में बंद अन्य बंदियों से मिलने के बहाने अंदर जा रहे हैं और चंद्रशेखर से बात करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि वह तन्हा बैरक में है। लेकिन बाहर आकर लोगों को यही बताते हैं कि वह चंद्रशेखर से मिलकर आ रहे हैं।
जेल अधिकारियों का कहना है कि चंद्रशेखर से इस समय किसी को मिलने की इजाजत नहीं है। तीन दिन का समय एक सप्ताह में मिलने का होता है, वह पूरा हो चुका है। चंद्रशेखर के पास कुछ पर्चियां मिलाई के लिए आने वालों की भेजी भी गईं थीं, लेकिन चंद्रशेखर ने ही उनसे मिलने को मना कर दिया। उसने सिर्फ अपने परिवार के लोगों से ही मिलने की बात कही है।
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