बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कुछ नई जांच भी शुरू हुई हैं। इनमें से एक जांच एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) भी है। इसके जरिए शरीर में होने वाली गांठ की प्रकृति के बारे में पता चलता है।
मेडिकल अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में करीब 60 से ज्यादा तरह की जांच की जा रही है। इनमें से एक जांच एफएनएसी भी है। इस साल फरवरी महीने में यह जांच शुरू हुई। अस्पताल में रोजाना पांच मरीजों तक की एफएनएसी जांच की जा रही है। यह जांच निशुल्क है। वहीं, निजी पैथोलॉजी लैब पर एफएनएसी जांच का शुल्क 800 रुपये है। जांच के बाद मरीजों को अस्पताल में इलाज मिल रहा है। पैथोलॉजी में कार्यरत चिकित्सक ही नीडल से गांठ सैंपल लेकर जांच करते हैं। इस जांच को लेकर चिकित्सक सावधानी बरतते हैं।
क्या है एफएनएसी जांच
एफएनएसी जांच यह जांच स्तन, थायरॉयड, लिम्फ नोड्स और अन्य ऊतकों में गांठों का पता लगाने के लिए होती है। शरीर में किसी गांठ या असामान्य वृद्धि से कोशिकाओं का नमूना एक पतली सुई से लेते हैं। डॉक्टर इस नमूने की माइक्रोस्कोप से जांच करते हैं। जिससे पता चलता है कि गांठ कैंसर की है या नहीं।
मेडिकल अस्पताल में एफएनएसी जांच शुरू हो गई है। रोजाना पांच से आठ मरीजों की यह जांच की जा रही है। जांच शुरू होने से मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
डॉ. ललित कुमार, विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी लैब, मेडिकल अस्पताल