फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हस्तिनापुर में फिर बाढ़ जैसे हालात: सैंकड़ो बीघा फसल जलमग्न, कई गांवों से संपर्क कटा, संकट में ग्रामीण

Mon, 07 Aug 2023 11:06 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

हरिद्वार से गंगा में लगातार पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने से हस्तिनापुर खादर क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वहीं खतरे की स्थिति देखते हुए ग्रामीण भयभीत हैं।
विज्ञापन
फसलें जलमग्न, बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के कई गांव में फिर से बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। कई गांवों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। गंगा के उफान पर होने के कारण पानी घरों में घुस चुका है। ग्रामीण पानी के बीच ही गुजारा करने को मजबूर हैं। हरिद्वार के हथिनी कुंड बैराज से रविवार को दो लाख 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो सोमवार सुबह तक हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में टूटे तटबंध से बाहर निकलकर गांव तक पहुंच गया है, जिससे एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
विज्ञापन


 गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को हरिद्वार से छोड़े गए पानी से खादर क्षेत्र के हालात नाजुक बन गए हैं वही फतेहपुर प्रेम से टूटे तटबंध से गंगा की एक धारा खादर क्षेत्र की ओर बह रही है जिससे लगातार अब एक बार फिर खादर क्षेत्र में बाढ़ की संभावना बन गई है। 

हस्तिनापुर में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं, हजारों लोग एक बार भी पूरी तरह भयभीत हैं। पिछले 13 जुलाई को तटबंध टूटा था, जिससे 15 दिनों तक खादर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ा था। 

 

हस्तिनापुर में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
पिछले 5 दिनों से ही स्थिति सामान्य हुई थी। अब एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालत फिर जस की तस हो गई है। उधर टूटे तटबंध को जोड़ने के लिए प्रशासनिक स्तर से मशीन लगाई गई थी लेकिन पिछले चार दिनों से लगातार तटबंध को जोड़ने की कवायद चल रही थी। 

 

सोमवार देर रात को गंगा का जलस्तर बढ़ गया तो प्रशासनिक अधिकारियों की सभी तैयारियां बह गईं और खादर क्षेत्र एक बार फिर जलमग्न हो गया। अब यहां खादर क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। 
 
विज्ञापन

हस्तिनापुर में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
कई परिवार के सामने भूखे मरने तक की नौबत आ रही है, क्योंकि पिछले 15 दिनों से काम धंधे पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं। मजदूर तबके के लोगों के सामने दो टाइम की रोटी जुटाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें