जमीन पर कपड़े और सामान बिखरा था। दरवाजे के सामने ही एक कमरा था, पास में छोटा सा किचन। कमरे में खून फैला हुआ था। रिश्तेदार और भाई सुबह से फोन कर रहे थे, लेकिन कॉल नहीं उठ रही थी। सुबह से परिवार का एक भी व्यक्ति किसी ने नहीं देखा था। मोईन के दो भाई तसलीम और मोमिन सुहेल गार्डन के बराबर वाली कॉलोनी में रहते हैं।
भाई घर पहुंचे तब मामला खुला
मामला तब खुला, जब मोईन के भाई तसलीम और मोमिन मौके पर पहुंचे। तसलीम का कहना है कि मुझे अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर जाना था। डॉक्टर को दिखाने के बाद मैं मोईन के घर पहुंचा। दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था। बाहर से चिल्लाया, मगर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। पड़ोसी के मकान की छत पर चढ़ा और रोशनदान से देखा। जहां पर खून पड़ा था, जिसको देखकर मैं चिल्लाया। मोमिन स्थानीय लोगों के साथ दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंच गया।