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Meerut News: खुले नाले में गिरी कार, परिवार के पांच लोगों की बची जान, बच्ची घायल

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सरधना। नगर के तहसील रोड पर अनियंत्रित होकर खुले नाले में घुसी कार। वीडियो ​​क्लिप
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मेरठ। जिले में खुले नाले राहगीरों और वाहन सवारों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। सोमवार देर रात लगभग 11 बजे सरधना के तहसील रोड पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन से बचने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई। गनीमत रही कि हादसे में कार सवार देहली गेट थाना क्षेत्र के रहने वाले फिरोज और उनके परिवार के चार सदस्यों की जान बच गई। हालांकि दस साल की बच्ची घायल हो गई। लोगोें ने परिवार को निकालने के बाद कार को हाइड्रा की मदद से कार को बाहर निकाला।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र निवासी फिरोज, उनकी पत्नी, दो बच्चे और परिवार की एक महिला कार में सवार थे। वे सरधना में एक चिकित्सक के यहां आ रहे थे। इसी दौरान कार नाले में गिरी। कार के एक साइड के दोनों टायर नाले में चले गए। हादसे के बाद महिलाएं व बच्चे मदद के लिए चिल्लाने लगे। कुछ ही देर मेें मौके पर राहगीर व कुछ वाहन चालक पहुंचे। उन्होंने कार के एक साइड का गेट खोलकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में नाले के किनारे लगा पत्थर का पिलर भी क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों ने कार को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकालने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। हादसे में कार सवार दस साल की बच्ची घायल हो गई। लोगों ने हाइड्रा की मदद से कार को भी बाहर निकलवा दिया। इसके बाद परिवार के लोग गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
हादसे की सूचना पर पुलिस को नहीं दी गई लेकिन इससे नगर पालिका की लापरवाही उजागर हुई है। हादसे के बाद नाले में गिरी कार और सहमे परिवार का वीडियो वायरल हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि खुले नाले आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। नाले को ढकवाने और चेतावनी संकेत लगाने के लिए कई बार नगर पालिका से शिकायत की जा चुकी है। इस मार्ग से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का नियमित आवागमन रहता है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। नाले की चौड़ाई चार फीट और गहराई पांच फीट से अधिक बताई गई है।
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नगर पालिका की ईओ दीपिका शुक्ला का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं है लेकिन समस्या गंभीर है। जल्द नालों से संबंधित समस्या का समाधान कराया जाएगा।
नगर पालिका चेयरपर्सन सबीला बेगम का कहना है कि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो। इसके लिए जल्द ही खुले नालों ढकवाया जाएगा।

खुले हादसे कब-कब बने हादसों का कारण
जनवरी महीने में मेरठ के ही पल्लवपुरम (मोदीपुरम) के पास एक कार कोहरे में नाले में गिर गई थी। इसमें 18 महीने के मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी।

23 जनवरी को मेरठ के सदर थानाक्षेत्र के आबू नाले स्थित काठ के पुल के पास ई-रिक्शा नाले में गिरने से चालक सनी की मौत हो गई। हादसे की सूचना के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।
29 जनवरी को जागृति विहार एक्सटेंशन में एक अनियंत्रित कार सीधे गहरे नाले में जा गिरी। नाले की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) नहीं थी। कार सीख रहे सवारों को सड़क और नाले का अंदाजा नहीं मिला और कार नीचे गिर गई थी। कार में तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि तीनों की जान बच गई थी।


किशोर के गिरने की सूचना पर नाले में कूद गए थे थानेदार
26 जनवरी को ट्रांसपोर्टनगर के नाले में किशोर के नाले में गिरने की सूचना पर थानेदार अरुण मिश्रा नाले में कूद गए थे। उन्होंने काफी देर किशोर को नाले में तलाशा लेकिन कोई नहीं मिला। बाद में सीसीटीवी फुटेज में किसी के गिरने की पुष्टि नहीं हुई थी।
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