इसी दौरान पूर्व मंत्री एमएलसी विरेंद्र सिंह और शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल भी मौके पर पहुंचे और लोगों को सरकार से मदद दिलाने का आश्वासन दिलाया। परिजन कार्रवाई और मुआवजे की संस्तुति का प्रमाण लेने की मांग पर अड़े रहे। पूर्व मंत्री विरेन्द्र सिंह ने दुर्घटना बीमा योजना के तहत पीड़ित परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने मामले में रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी दी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब साढ़े नौ बजे मामला शांत हुआ और धरना समाप्त किया। तीनों शवों को मोहल्ले के निकट श्मशान घाट में ले जाया गया, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा।
तीन घंटे चला धरना
तीनों महिलाओं के शव हरिजन चौपाल पर करीब तीन घंटे रखे रहे। सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक धरना चला। इसके बाद करीब सवा 12 बजे मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों द्वारा मृतकों का अंतिम संस्कार करने से इनकार करने की वजह से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे।
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