नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गत 20 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के मामले में पांच लोगों द्वारा किसी तरह का जवाब एडीएम प्रशासन के समक्ष नहीं दाखिल किया गया है। इसके चलते उक्त लोगों के खिलाफ अब जुर्माना निर्धारण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सीएए के विरोध में गत 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। हिंसा में कुल 56.8 लाख रुपये की निजी व सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ था। मामले में एडीएम प्रशासन अमित सिंह द्वारा शहर के 46 लोगों को चिह्नित करते हुए उन्हें नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 35 लोगों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर एडीएम प्रशासन के समक्ष अपना स्पष्टीकरण दाखिल कर दिया था। शेष 11 लोगों को फिर से नुकसान क्षतिपूर्ति के लिए नोटिस जारी कर 20 जनवरी तक अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे।
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एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि अंतिम सुनवाई की तिथि 20 जनवरी तक भी पांच लोगों ने नुकसान क्षतिपूर्ति नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया है। इनमें बिलाल, तहसीन, सलमान, दानिश और शारिक राव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सुनवाई का अंतिम अवसर भी खत्म होने के कारण अब इन लोगों पर शासनादेश के अनुरूप एक पक्षीय रूप से नुकसान क्षतिपूर्ति के लिए जुर्माना निर्धारण की कार्रवाई की जाएगी।
चेयपर्सन पर लगाया आरोप
रुड़की रोड व्यापार संगठन की बैठक में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल पर व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया। विजय कुच्छल, उदित किंगर ने कहा कि नगर पालिका मार्केट के व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेयरपर्सन के आवास पर भूख हड़ताल की जाएगी। अनिल, हरीश धमेजा, जावेद, विकास, अनिल मित्तल, जहीर अंसारी, इकरार फारू की, अब्दुल कादिर, जतिन, सुधांशु, अर्चित गुप्ता, अरविंद, जितेंद्र अरोरा आदि रहे।
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