गौरतलब है कि इस गांव में अब तक कई बार अवैध हथियारों की तस्करी और गोतस्करी जैसे मामले सामने आ चुके हैं। कुछ तो व्यापार के माध्यम से खरीदे गए पशुओं के रुपये नहीं लौटाते तो कुछ पशु चोरी में लिप्त रहते हैं।
महीने में इस गांव से इस तरह के एक या दो मामले सामने आ ही जाते हैं, जिसमें इस गांव के लोगों की तलाश में पुलिस दबिश देती रहती है, लेकिन दबिश देने आई पुलिस पर हर बार ग्रामीण भारी पड़ते हैं और बिना किसी डर के पुलिस पर हमला बोल देते हैं।
वहीं आरोपी को न छुड़ा पाने की स्थिति में ये लोग पुलिस पर लूट और महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगा देते हैं। यहां घरों में ईंट-पत्थरों को पुलिस पर हमला बोलने के लिए पहले से जमा करके रखा गया है।
ग्रामीण इकट्ठा होकर हमला बोलते हैं और पुलिस से खींचा तानी या अभद्रता भी कर डालते हैं। नतीजा ये होता है कि या तो पुलिस के जवानों को बंधक बना लिया जाता है या फिर पुलिसवालों के सिर भी फूट जाते हैं।