डिफेंस एंक्लेव कॉलोनी में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बांटने आए एक लोडर में आग लग गई। चालक आग बुझाने का प्रयास करता उसके पहले ही सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते लोडर में लोड चार सिलेंडर तेज आवाज के साथ फट गए। धमाका इतना तेज था कि कॉलोनी के कई घरों में खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना से लोगों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
मामला बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे का है। सरधना रोड स्थित नंगलाताशी गांव के सामने इंडियन गैस कंपनी की बैजल गैस एजेंसी का गोदाम है। रोज की तरह गोदाम के कर्मचारी लोडर में गैस सिलेंडर भरकर उपभोक्ताओं को बांटने जा रहे थे। लोडर चालक प्रदीप कुमार व हेल्पर ऋषि कुमार करीब 20 सिलेंडर लेकर सरधना रोड स्थित डिफेंस एंक्लेव कॉलोनी पहुंचे। यहां डा. मदन मोहन गुप्ता के घर सिलेंडर दिया। इसके बाद चालक ने जैसे ही गाड़ी को स्टार्ट किया तो उसकी वायरिंग में आग लग गई। यह देख दोनों कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
देखते ही देखते गाड़ी में रखे सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। यह देखकर कर्मचारी मौके से भाग गए। कुछ ही देर में एक के बाद एक चार सिलेंडर धमाके के साथ फट गए। कुछ सिलेंडर हवा में उड़कर दूर जा गिरे। वहीं लोडर के भी परखच्चे उड़ गए। धमाकों से कॉलोनी के लोगों में हड़कंप मच गया। लोग घर छोड़ भागने लगे। बाद में लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस दौरान आग बुझाने में हेल्पर ऋषि कुमार मामूली रूप से झुलस गया।
धमाका सुन सहम गए लोग
कॉलोनी समिति के चेयरमैन कर्नल ब्रह्म पाल सिंह ने बताया कि वह पत्नी के साथ घर में चाय पी रहे थे। तभी धमाकों की आवाज आई। पत्नी ने बाहर निकल कर देखा तो सिलेंडरों में आग लगी थी। यह देख वह चीख पड़ी। सिलेंडर के धमाकों से घर की खिड़की और दरवाजों के शीशे टूट गए। वहीं डॉ. मदन गुप्ता ने बताया कि सिलेंडरों के धमाकों से उनके भी मकान के शीशे टूट गए। बरामदे में खड़ी गाड़ी में भी नुकसान हो गया। गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया।
गैस रिफलिंग करते हैं कर्मचारी
कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि एजेंसी के कर्मचारी सिलेंडर वितरण के दौरान चोरी छिपे गैस रिफलिंग करते हैं। कई बार उन्होंने ऐसा करते हुए कर्मचारियों को देखा है। रिफलिंग के दौरान ही सिलेंडर लीक हो जाते हैं।