मेरठ स्थित फैक्ट्री में लगी आग।
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लिसाड़ीगेट क्षेत्र की खुशहाल कालोनी में टायरों पर रबड़ चढ़ाने की फैक्ट्री में लगी भयंकर आग में झुलसने से युवक की मौत हो गई, जबकि फैक्ट्री संचालक और एक कर्मचारी बुरी तरह जल गया। दोनों को गंभीर हालत में दिल्ली रेफर किया गया है। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
समर कालोनी निवासी हाजी फारुख का खुशहाल कालोनी में भी मकान है। जिसे इंचौली निवासी अंसार को किराए पर दे रखा था। अंसार ने इस मकान में टायरों पर रबड़ चढ़ाने की फैक्ट्री चला रखी है। यहां इंचौली निवासी राजा (18) और इसरार काम करते थे। बृहस्पतिवार शाम करीब पौने पांच बजे फैक्ट्री के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई।
आग इतनी भयंकर थी कि उसने पूरी फैक्ट्री को कुछ ही देर में चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। फैक्ट्री में काम कर रहे राजा और इसरार झुलस गए। मोहल्ले के लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना पर फैक्ट्री मालिक अंसार अपनी बाइक से वहां पहुंच गया। वह राजा और इसरार को बचाने के लिए फैक्ट्री के अंदर घुस गया।
किसी तरह अंसार और इसरार बाहर निकले। मोहल्ले के लोगों ने पानी डालकर उनके कपड़ों और शरीर में लगी आग बुझाई। लेकिन राजा फंस गया। तभी धमाके के साथ फैक्ट्री में रखा कंप्रेशर फट गया, जिससे दीवारों और लेंटर में दरारें आ गईं। करीब डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आधा घंटा मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
आग बुझाने के बाद फैक्ट्री के अंदर से राजा को बेहद गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। राजा, अंसार और इसरार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां राजा को मृत घोषित कर दिया गया। अंसार और इसरार को अधिक जला होने के कारण दिल्ली रेफर किया गया। एसओ लिसाड़ीगेट ने बताया कि आग के कारणों का पता नहीं चल सका है। अस्पताल के चिकित्सक का कहना था कि अंसार और इसरार 80 प्रतिशत झुलस चुके हैं।
दीवार तोड़कर बुझाई आग
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं मिल रहा था। दरारें आने के कारण एक दीवार टूटकर गिर गई। जबकि दूसरी दीवार को फायर ब्रिगेड ने लोगों के सहयोग से गिरा दिया। इसके बाद अंदर पाइप डालकर आग को बुझाया गया।