संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव जलालपुर जोरा के मजरा हटुपुरा में बृहस्पतिवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से तीन मजदूरों के कच्चे घर जलकर पूरी तरह राख हो गए। हादसे में घरेलू सामान, अनाज और पशुओं का भूसा जलकर नष्ट हो गया।
घटना दोपहर करीब 3:00 बजे की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में अधिकतर कच्ची झोपड़ीनुमा आवास बने हुए हैं। अचानक एक मकान से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करते तब तक लपटें बेकाबू हो चुकी थीं। आग की चपेट में गीता पुत्र लटूर सिंह, रामवीर पुत्र चुन्ना और सत्येंद्र पुत्र बूंदी के घर पूरी तरह जल गए।
ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार के सभी लोग मजदूरी पर गए हुए थे, जिससे जनहानि तो नहीं हुई लेकिन घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया परंतु हवा के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर कुछ सामान बाहर निकाला पर अधिकांश सामग्री जलकर नष्ट हो गई। सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। आग से प्रत्येक परिवार का करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घरों में खाने तक का सामान नहीं बचा है। पशुओं के लिए रखा भूसा भी जल गया। आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है।
प्रधान ने मामले की सूचना एसडीएम संतोष कुमार को दी। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
मजदूरी कर खरीदी थीं किताबें, आग ने जला दी बच्चों की उम्मीदें
अचानक लगी भीषण आग ने तीन परिवारों को बेघर कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कच्चे-पक्के मकान और उनमें रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवारों के सामने अब सिर छिपाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। इस हादसे में दिव्यांग गीता का परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुआ। गीता ने बताया कि वह अपनी पत्नी कविता और तीन बच्चों के साथ रह रहे थे। मेहनत मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके तीनों बच्चे पास के ही एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। 16 वर्षीय बेटा अनमोल कक्षा नौ, 12 वर्षीय बेटी जिया कक्षा तीन और आठ वर्षीय खुशी नर्सरी की छात्रा है। गीता ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने कर्ज लेकर किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदी थी। परिवार ने एक-एक रुपया जोड़कर गृहस्थी का सामान भी जुटाया था लेकिन अचानक लगी आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। घर में रखा अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और बच्चों की किताबें तक जल गईं।
बयान....
पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी
मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराकर पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी। -संतोष कुमार, एसडीएम, मवाना
जलालपुर के हटूपुरा गांव में लगी आग को बुझाते ग्रामीण स्रोत संवाद