लिसाड़ी गेट क्षेत्र के रशीद नगर में मंगलवार को एक घर में धमाके के बाद आग लग गई। आग से बुरी तरह झुलसी महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध मानते हुए महिला के पति को हिरासत में ले लिया। बाद में आग लगने का कारण सिलिंडर लीक होना बताकर पति को छोड़ दिया गया। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
पुलिस के अनुसार भूमिया पुल निवासी अबरार की शादी एक साल पहले गांव गोकुलपुर निवासी अफसाना से हुई थी। यह दंपती कुछ दिनों से रशीदनगर में किराए पर रह रहा था। बताया गया कि मंगलवार सुबह अबरार काम पर चला गया जबकि अफसाना घर पर अकेली थी। पूर्वाह्न करीब 11 बजे अचानक घर में आग लग गई। आसपास के लोगों ने मकान से धुआं उठते देख शोर मचा दिया। लोग वहां पहुंचे। लेकिन मकान की पहली मंजिल पूरी तरह से आग की लपटों से घिरी थी। सूचना पर लिसाड़ीगेट पुलिस भी पहुंच गई। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद पुलिस घर में दाखिल हुई और बुरी तरह झुलसी अफसाना को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। सूचना पर अबरार और अफसाना के परिजन पहुंच गए।
हालात उठा रहे सवाल
आग में महिला के जिंदा जलने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। जिस कमरे में आग लगी थी, उसके हालात भी सवाल उठा रहे थे। आमतौर पर कोई महिला आग की लपटों से घिरने के बाद मदद के लिए चिल्लाती है। लेकिन आग लगने के तत्काल बाद जमा हुए आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने अफसाना के चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी। वहीं, मकान में रखी सेफ का दरवाजा भी खुला मिला। जो घटना में संदिग्धता दर्शा रहा है।
छोटे सिलिंडर से हुआ धमाका
आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने घर में धमाका होने की आवाज सुनी थी। लेकिन पुलिस ने वहां बड़ा सिलिंडर सुरक्षित पाया। पुलिस के अनुसार अबरार ने पूछताछ में बताया कि घर में छोटा सिलिंडर भी रखा था। संभवत: छोटा सिलिंडर फटने से आग फैली और छत गिरी।
संकरी गली में आग बनी चुनौती
आग की सूचना पर दमकल की गाड़ी घटनास्थल की तरफ दौड़ी। लेकिन हापुड़ अड्डा से रशीद नगर तक पहुंचने में दमकल को करीब 20 मिनट लग गए। सबसे बड़ी चुनौती संकरी गली में घुसकर आग पर काबू पाना रहा। हालांकि स्थानीय लोग फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही काफी हद तक आग पर काबू पा चुके थे।
लीक होना रहा कारण
गैस सिलिंडर लीक होने से घर में आग लगी थी, जिसमें झुलसकर महिला की मौत हुई है। गनीमत रही कि बड़ा सिलिंडर नहीं फटा। वरना हादसा और बड़ा हो सकता था। पति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। बाद में छोड़ दिया गया। -नजीर अली खां, इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट