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ओमप्रकाश शर्मा की कहानी मांगने मेरठ आये थे बासु चटर्जी, सिर्फ दो क्लिक में पढ़िए पूरी कहानी

Sat, 06 Jun 2020 07:52 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ओमप्रकाश शर्मा के साथ उनके घर पर बासु चटर्जी। - फोटो : सोशल मीडिया
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समानांतर सिनेमा में जिंदगी की कड़वी हकीकत पर्दे पर उतारने वाले स्व. बासु चटर्जी खट्टे, मीठे लम्हों से खूब हंसाते भी थे। उनके चरित्र की सहजता ही उन्हें मेरठ तक खींच लाई थी। कम ही लोग जानते हैं कि बासु चटर्जी की फिल्म चमेली की शादी का मेरठ से गहरा नाता है। फिल्म की कहानी के लिए बासु चटर्जी खुद मेरठ आये और उपन्यासकार स्व. ओमप्रकाश शर्मा से उनकी कहानी धड़कन ले गए।

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1986 में आई फिल्म चमेली की शादी के कहानीकार ओमप्रकाश शर्मा हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर मेरठ के गांधीनगर निवासी सुशील गौड़ थे। प्रकाश मेहरा प्रोडक्शन से जुड़े सुशील गौड़ की बतौर प्रोड्यूसर यह पहली फिल्म थी। फिल्म में प्रमुख कलाकार अनिल कपूर और अमृता सिंह थीं। दर्शकों ने फिल्म को काफी पसंद किया।

सुनील गौड़ बने फिल्म के प्रोड्यूसर
सुशील गौड़ गांधीनगर निवासी देवी शर्मा के भतीजे हैं। वह प्रकाश मेहरा प्रोडक्शन के शुरुआती दौर से ही उससे जुड़े। शुरुआत में सुशील गौड़ प्रोडक्शन कंट्रोलर के रूप में काम करते थे। इस दौरान उन्होंने हसीना मान जाएगी, आन बान, लावारिस, हेराफेरी, हिमालय से ऊंचा, शराबी, नमक हलाल जैसी कई फिल्में बनाई। 
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शर्मा मुंबई नहीं गए तो मेरठ आए बासु चटर्जी
अपने साक्षात्कार में ओमप्रकाश शर्मा ने बासु चटर्जी के मेरठ आने का जिक्र किया है। चमेली की शादी बनने की कहानी कुछ यूं शुरू हुई। प्रकाश मेहरा के फाइनेंसर मेरठ के सेठ सत्येन पाल चौधरी थे। उन्होंने ओम प्रकाश शर्मा के उपन्यास धड़कन पर फिल्म बनाने की सलाह बासु चटर्जी को दी। धड़कन को पढ़ने के बाद बासु चटर्जी ने ओमप्रकाश शर्मा से उपन्यास के राइट्स लेने की बात कही, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद सत्येन पाल चौधरी के साथ बासु चटर्जी मेरठ आए। यहां ओम प्रकाश शर्मा से मिले और उन्हें प्रोजेक्ट समझाया। इसके बाद ओमप्रकाश शर्मा राजी हो गए। ओम प्रकाश शर्मा के एक मित्र रचनाकार यादवेंद्र शर्मा चंद्र एक संस्मरण में लिखते हैं, जब बासु चटर्जी ने उपन्यास धड़कन पर फिल्म बनाना तय कर लिया तो ओमप्रकाश शर्मा को मुंबई बुलाया, लेकिन वो नहीं गये। इजाजत दे दी, चेक भी ले लिया, लेकिन अनुबंध नहीं किया। फिर बासु चटर्जी स्वयं मेरठ आए, उन्होंने पटकथा बताई। पटकथा उन्हें पसन्द आई। उन्हें वासु चटर्जी की फिल्में पसंद थी। एक निर्देशक के रूप में वे उनका सम्मान करता थे, इसलिए स्वीकृति दे दी।

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उपन्यास सम्राट के नाम से मशहूर
25 दिसंबर 1924 को मेरठ में जन्मे जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा आजादी की लड़ाई में सक्रिय रहे। उन्होंने दिल्ली क्लॉथ मिल में नौकरी की। इसके बाद वे एक्टिविस्ट, कहानीकार और उपन्यासकार बने। उन्हें जासूसी उपन्यास लिखना पसंद था। उनका पहला उपन्यास ‘सांझ का सूरज’ 1857 की क्रांति और अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के ऊपर आधारित था। उप्र सरकार ने उन्हें उपन्यास सम्राट का सम्मान दिया गया। 1998 में वे इस दुनिया को अलविदा कह गए। 

ज्ञान दीक्षित ने की ब्रांडिंग शूट
फिल्म चमेली की शादी की ब्रांडिंग के लिए तस्वीरों की पूरी शूटिंग मेरठ के वरिष्ठ फोटोग्राफर ज्ञान दीक्षित ने की थी। ज्ञान दीक्षित बताते हैं कि बासु चटर्जी के साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा था। वह बेहतरीन व्यक्तित्व थे। आज भी उनके पास वह तस्वीरें मौजूद हैं, जो उन्होंने ब्रांडिंग के लिए खींची थीं।

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