विधायक जितेन्द्र सिंह सतवाई का कहना था कि रालोद सर्मथकों द्वारा ब्लॉक के बूथ पर बड़ी संख्या में एकत्र होकर के कैप्चरिंग करने की सूचना मिली थी। हालांकि जब तक वह पहुंचे तो मतदान का समय पूरा हो चुका था। इसी बीच दोनों दलों के समर्थक आपस में नारेबाजी करने लगे। पुलिस भी सूचना मिलने पर पहुंची तो उस समय भीड़ हंगामा कर रही थी। जिस पर पुलिस ने लाठी फटकार कर तितर-बितर कर दिया।
रात तक थाने में जमा रहे ग्रामीण
गांव अमानुल्लापुर के पूर्व प्रधान के पुत्र को भी पुलिस ने फर्जी मतदान कराने की सूचना पर पकड़ कर हवालात में बंद कर दिया। जिस पर गांव से बड़ी संख्या में रालोद के सर्मथक रात तक उसे छुड़ाने के लिए जमा थे।
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