- 25 साल से कांवड़ ला रही नानी के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकली मोहिनी, बोली- भोलेनाथ पर पूरा भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। भगवान आशुतोष के प्रति आस्था और मन्नत का सिलसिला कांवड़ यात्रा में अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रहा है। कोई सुख-समृद्धि तो कोई संतान प्राप्ति की कामना लेकर हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। इसी आस्था की मिसाल दिल्ली रोहिणी निवासी कक्षा दसवीं की छात्रा मोहिनी ने पेश की। वह अपनी नानी फूलवती देवी के साथ मामा की संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर हरिद्वार से कांवड़ उठाकर पैदल यात्रा कर रही है।
शनिवार को मोहिनी अपनी नानी फूलवती देवी के साथ कांवड़ लेकर सरधना गंगनहर पुल स्थित कांवड़ शिविर पहुंची। मोहिनी ने बताया कि उसकी नानी पिछले करीब 25 वर्षों से हरिद्वार से कांवड़ लेकर आती हैं। उसके तीन मामा हैं। नानी हर वर्ष भगवान शिव से परिवार की खुशहाली और मामा के लिए संतान प्राप्ति की मन्नत मांगती रही हैं। बताया कि सबसे छोटे मामा के विवाह के कई वर्ष बाद भी संतान नहीं हुई। नानी इस बार भी मामा की संतान प्राप्ति की कामना लेकर कांवड़ लेने जा रही थीं। इसी दौरान मोहिनी ने भी अपने मामा के लिए मन्नत मांगते हुए स्वयं कांवड़ उठाने का संकल्प लिया। वह नानी के साथ हरिद्वार पहुंची और गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की। फूलवती देवी ने बताया कि उन्होंने 31 जुलाई को हरिद्वार से विधि-विधान के साथ गंगाजल उठाया था। वह लगातार पैदल यात्रा करते हुए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान शिव पर पूरा विश्वास है और भोलेनाथ अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।