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आखिर कब तक शोहदों के खौफ में जीती रहेंगी बेटियां, घर से निकलना हुआ दुश्वार

Mon, 15 Jan 2018 06:14 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कपिल कुमार, मेरठ
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बेटियों में शोहदों का खौफ
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शोहदों के डर से कब तक शहर की बेटियां अपने सपनों को चकनाचूर करती रहेंगी। आलम ये है कि बेटियों का घर से निकलना दुश्वार है। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहू-बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश देते हैं, तो वहीं पुलिस नींद से तब जागती है जब किसी की दुनिया ही उजड़ जाती है। ताजा मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र का है। जहां एक बेटी ने दरिंदों से तंग आकर अपने पिता की इज्जत की खातिर आत्मदाह कर लिया। शर्मनाक है! पुलिस के लाख दावों के बावजूद भी शोहदे ऐसी हरकतें करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सिस्टम से सवाल है कि कब तक शहर की बेटियां शोहदों के खौफ में जीती रहेंगी?

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ये था पूरा मामला
थाना भावनपुर क्षेत्र की आठवीं कक्षा की छात्रा अपने पड़ोस के गांव गांवड़ी में ट्यूशन पढ़ने जाती थीं। लंबे समय से चार लड़के उसके साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। यहां तक कि छात्रा के साथ गैंगरेप का भी प्रयास किया गया। छात्रा ने रोज-रोज की छेड़खानी से तंग आकर शनिवार को मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। इसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा के दम तोड़ते ही परिवार में कोहराम मच गया। नींद से जागी पुलिस भी गुरुवार को अस्पताल पहुंच गई और दम तोड़ने से पहले पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज कर लिए। छात्रा ने दम तोड़ने से पहले अपने माता-पिता के सामने पुलिस से कहा था कि अंकल जी उन दरिंदों को मत छोड़ना, जिनकी वजह से आज मेरे माता पिता को ये दिन भी देखना पड़ा। इस दौरान सब की आंखों में आंसू आ गए और छात्रा अपने सपनों को बंद आंखों में ले दुनिया छोड़ गईं। छात्रा की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। जहां छात्रा के चाचा-चाची ये कहते नहीं थक रहे कि उनकी बिटिया बहुत होशियार थी तो वहीं ग्रामीणों का भी यह कहना हैं कि छात्रा बहुत सीधी थी और हमेशा नजर झुकाकर ही चलती थी।

पढ़ें : छात्रा के आत्मदाह मामले की लखनऊ तक गूंज, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये बयान

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दर्दनाक था वो मंजर

छात्रा ने लगा ली आग - फोटो : अमर उजाला
करीब 80 फीसदी जल गईं बेटी ने कभी अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसकी जिंदगी में कभी ऐसा भी दिन आएगा। अपने सपनों को लेकर छात्रा इतनी मजबूत थी कि ट्यूशन पढ़ने के लिए रोजाना करीब चार किलीमीटर का सफर तय करती थीं। मगर ये तो उसके माता-पिता को भी अंदाजा नहीं था कि उनकी होशियार बेटी के सपने अधूरे रह जाएंगे। बेटी-बेटी कहकर पुकारने वाले माता-पिता इस हादसे को शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अब सिर्फ एक ही आस है कि उनकी बेटी के गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उम्मीद है कि पुलिस अपनी नींद से जाग जाए और आगे से शहर में इस तरह की कोई घटना न हों। 

बेटी के आत्मदाह का मामला वैसे तो लखनऊ तक पहुंच गया है, लेकिन देखना अब यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी कार्रवाई करती है। एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने शुक्रवार को पत्रकारों से बताया कि चारों आरोपी, शोभित, रवि, अंकित और मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

वर्जन...
मेरठ एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए देहात में भी एंटी रोमियो स्क्वॉड टीम एक्टिव की जाएगी। साथ ही कहा छात्राओं को शोहदों से निपटने के लिए स्कूलों में जुड़े- कराटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए अलग से महिला कांस्टेबलों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

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