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कल्बे जव्वाद बोले- रिजवी कर रहे गलतबयानी, तीन तलाक पर लोगों को दी ये राय

Mon, 15 Jan 2018 05:37 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद
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शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी पूर्व मंत्री आजम खान को बचाने के लिए गलतबयानी कर रहे हैं। रविवार को वह यहां चेहल्लुम में शामिल होने आए थे। रविवार को उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी ने वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीन का घोटाला किया है। जिसमें आजम खान की यूनिवर्सिटी की जमीन भी शामिल है। मदरसों में आतंकी तालीम की बात कहने वाले वसीम रिजवी के बयान पर हमें सभी जगह जवाब देना पड़ रहा है। वक्फ की जमीन के घोटाले में वसीम रिजवी का बराबर का हाथ है। घोटालों से बचने के लिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। कल्बे जव्वाद ने कहा कि वसीम रिजवी पर कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। सपा सरकार में तो वसीम रिजवी जेल में होते, लेकिन आजम खान के दबाव में उनको जेल जाने से बचाया गया, और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया। सपा ने विवादित आदमी को जिम्मेदार पद पर बैठाकर घोटाले कराए हैं। मदरसों ने आतंकवादी नहीं बल्कि आईएएस और काबिल लोग दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत माता को डायन कहने वाले आजम खां के साथ वसीम रिजवी को भी आरएसएस बचाने में लगा है। वह फंसेंगे तो आजम के मामले उजागर होंगे। आरएसएस और हिंदू संगठनों को वसीम रिजवी ने राम मंदिर बनवाने में साथ देने का वादा किया है जो सिर्फ एक दिखावा है, जिसको आरएसएस और अन्य संगठनों को समझना होगा।

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‘धार्मिक मामलों में दखल न दे सरकार’
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद का कहना है कि तीन तलाक कानून बिल टेक्निकल समस्या के कारण अटका  हुआ है। सरकार धार्मिक मामलों में दखल न दे। रविवार को जैदी सोसाइटी स्थित सैयद हसन रिजवी के आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने तीन तलाक कानून बिल के मुद्दे पर पूछा कि अगर तलाक के बाद शौहर जेल चला जाता है, तो गुजारा भत्ता कौन देगा। ये एक बड़ी समस्या है, जिस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को कुरआन को मानकर फैसले लेने चाहिए। उलमाओं को मामले में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि रसूल ने कहा था कि कुरआन से कोई भी हदीस टकराए तो उस हदीस को फेंक देना चाहिए। लेकिन हम लोग उस हदीस को गले लगा रहे हैं। मेरठ की धरती पर पहुंचकर उन्होंने भाईचारे का संदेश भी दिया। कहा कि हिंदू और मुस्लिम भाईयों को ऐसी ताकतों को समझना होगा जो देश को तोड़ रही हैं। दोपहर बाद कल्बे जव्वाद भावनपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर पहुंचकर शिया वर्ग और अहले हदीस के लोगों से मिले। इस दौरान अली हैदर जैदी, सगीर जैदी, मौलाना नायब अली, एडवोकेट मौलाना तिलमिज हुसैन रिजवी, हाजी जफर अब्बास बहादुर, अब्बास हसन मेहदी, शौकत अली, रोशन अब्बास, मौ. रजा, सरफराज अली, रजा अहमद आघा, हाशिम जफर अली आदि मौजूद रहे।

पढ़ें : मदरसा विवाद : शिया वक्फ बोर्ड के चीफ को भेजा 20 करोड़ की मानहानि का नोटिस

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दहशतगर्दी से इस्लाम का कोई ताल्लुक नहीं: कल्बे जव्वाद 

जैदी सोसायटी की मजलिस में खिताब करते मौलाना कल्बे जव्वाद - फोटो : अमर उजाला
मरहूम सैयद हसन हैदर रिजवी के मजलिस-ए-चेहल्लुम जैदी सोसाइटी स्थित इमाम बारगाह पंजेतनी में हुआ। मजलिस में शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने खिताब पेश किया। 

उन्होंने कहा कि इस्लाम का दहशतगर्दी से कोई ताल्लुक नहीं है। आज दुनिया में दीन-ए-इस्लाम के उसूलों की पैरवी न करने से बदअमनी हो रही है। जबकि दीन-ए-इस्लाम बगैर किसी भेदभाव के डूबते हुए इंसान को बचाने को इबादत करार देता है। इंसानियत को बचाना तमाम इबादतों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि मजहब की आड़ में बेगुनाह लोगों का कत्लेआम करना दहशतगर्दी और आतंकवाद है। 

उन्होंने मरहूम हसन हैदर रिजवी का जिक्र किया। हसन रिजवी वाणिज्य कर कार्यालय में प्रधान सहायक पद पर तैनात थे। मजलिस का संचालन सैयद अली हैदर रिजवी ने किया। मुजफ्फरनगर के सैयद हसन अली और बाकर रजा ने सौजख्वानी पेश की। सलाम-ए-अकीदत असद रजा, नजीर बाकरी और मुजाहिदी देहलवी ने पेश किया है। इस दौरान अलहाज सैयद अब्बास सफवी, असकरी रजा बाकरी, हुसैन हैदर रिजवी, वजाहत हुसैन रिजवी, मसूद रजा बाकरी, मंसूर रजा, अली आमिर, हाजी शमशाद अली, अरफात हैदर, सखी हैदर जैन, तारिक अब्बास, गाजी हैदर, हैदर अब्बास आदि मौजूद रहे।

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