जैदी सोसायटी की मजलिस में खिताब करते मौलाना कल्बे जव्वाद
- फोटो : अमर उजाला
मरहूम सैयद हसन हैदर रिजवी के मजलिस-ए-चेहल्लुम जैदी सोसाइटी स्थित इमाम बारगाह पंजेतनी में हुआ। मजलिस में शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने खिताब पेश किया।
उन्होंने कहा कि इस्लाम का दहशतगर्दी से कोई ताल्लुक नहीं है। आज दुनिया में दीन-ए-इस्लाम के उसूलों की पैरवी न करने से बदअमनी हो रही है। जबकि दीन-ए-इस्लाम बगैर किसी भेदभाव के डूबते हुए इंसान को बचाने को इबादत करार देता है। इंसानियत को बचाना तमाम इबादतों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि मजहब की आड़ में बेगुनाह लोगों का कत्लेआम करना दहशतगर्दी और आतंकवाद है।
उन्होंने मरहूम हसन हैदर रिजवी का जिक्र किया। हसन रिजवी वाणिज्य कर कार्यालय में प्रधान सहायक पद पर तैनात थे। मजलिस का संचालन सैयद अली हैदर रिजवी ने किया। मुजफ्फरनगर के सैयद हसन अली और बाकर रजा ने सौजख्वानी पेश की। सलाम-ए-अकीदत असद रजा, नजीर बाकरी और मुजाहिदी देहलवी ने पेश किया है। इस दौरान अलहाज सैयद अब्बास सफवी, असकरी रजा बाकरी, हुसैन हैदर रिजवी, वजाहत हुसैन रिजवी, मसूद रजा बाकरी, मंसूर रजा, अली आमिर, हाजी शमशाद अली, अरफात हैदर, सखी हैदर जैन, तारिक अब्बास, गाजी हैदर, हैदर अब्बास आदि मौजूद रहे।
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