- महापौर ने नगर आयुक्त को चिट्ठी भेजकर स्वच्छ भारत मिशन सेल पर उठाए सवाल
- सिटी प्लानर की व्यवस्था धड़ाम, तभी स्वच्छ सर्वे में प्रदेश में मेरठ की 17 वीं रैंक आई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने स्वच्छ सर्वे में 17 वीं रैंक आने का जिम्मेदार अधिकारियों को ठहराया है। उन्होंने सिटी प्लानर की व्यवस्था धड़ाम होना बताया है। नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखी कि स्वच्छता पर कार्य करने वाले स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) सेल के कार्यों और उनको होने वाले भुगतान की जानकारी दी जाए। निगम परिसर में एसबीएम प्रभारी व उनके कर्मचारियों के कार्यों के साथ-साथ प्रतिमाह होने वाले भुगतान की जानकारी महापौर ने मांगी है। स्वच्छता में एसबीएम सेल की भूमिका क्या है, इसका जवाब दें।
बृहस्पतिवार को स्वच्छ सर्वे में देश में 108 और प्रदेश में 17 रैंक मिलने पर मेरठ की किरकिरी हुई है। इसके बावजूद निगम के अधिकारी गंभीर नहीं है। स्वच्छता के नाम पर प्रतिमाह 14.25 करोड़ रुपये खर्च करने पर भी अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि स्वच्छता को लेकर उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दी। तीन दिन की छुट्टी के बाद नगर आयुक्त मेरठ लौटे हैं। उनके साथ पहले बात करेंगे और फिर निगम के अन्य अधिकारियों से उनके कार्यों को लेकर समीक्षा की जाएगी। स्वच्छता और सौंदर्यकरण के लिए नगर निगम में एसबीएम सेल है। प्रभारी से लेकर कर्मचारियों का भुगतान निगम द्वारा किया जाता है। आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक एसबीएम सेल के कार्यों के बारे में नहीं बताया गया है। अब मेरठ की स्थिति खराब हो गई है। नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखकर एसबीएम सेल के कार्यों और उनके भुगतान की जानकारी मांगी गई है।
कूड़ा निस्तारण प्लांट लगवाएंगे
मंगतपुरम में कूड़े के पहाड़ खत्म कराने के लिए री-टेंडर की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराएंगे। गांवड़ी में गेल गैस कंपनी से बातचीत चल रही है और आर्गेनिक रिसाइकिलिंग कंपनी से चल रहा विवाद भी सुलझाने का प्रयास नगर निगम स्तर से किया जाएगा। लोहियानगर में कूड़ा प्लांट की मॉनीटरिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे लगने के लिए महापौर ने निर्देश दिए। कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाकर शहर का कचरा वैज्ञानिक पद्धति से खत्म करने के लिए निगम के अधिकारियों से साथ महापौर ने मंथन करने की बात कही है।