सुभारती विश्वविद्यालय में सामाजिक दायित्व और भाषाई कौशल पर हुए कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, सामाजिक दायित्व, लैंगिक समानता और भाषाई कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम किए गए। इनमें छात्रों, शिक्षकों और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की भागीदारी रही। वाद-विवाद में फातिमा और वंशिका गुप्ता प्रथम, प्रतिमा यादव एवं रिद्धिमा सचदेवा द्वितीय और सायशा अग्रवाल तृतीय रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत एमए अंग्रेजी की छात्रा विधि गोस्वामी के वक्तव्य से हुई। डॉ. रफत खानम ने विदेशी भाषाओं का वैश्विक महत्व बताया। पिछले सत्र में 25 छात्रों को प्रमाण-पत्र देने के बारे में बताया। लया मेनन ने फ्रेंच सत्र संभाला, जबकि आयुष प्रियम ने कोरियन भाषा की उपयोगिता बताई। प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के अमित कुमार वर्मा ने भाषा दक्षता को रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रो. सुधीर त्यागी और डॉ. सीमा शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।
वहीं, सरदार पटेल सुभारती विधि महाविद्यालय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम और ऑनलाइन वाद-विवाद प्रतियोगिता की। न्यायमूर्ति राजेश चंद्रा और प्रो. रीना बिश्नोई के निर्देशन में यह आयोजन हुआ। शिक्षिका मुस्कान ने संबंधित अधिनियम के बारे में बताया। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में डॉ. जेए सिद्दीकी ने डिजिटल युग में पुस्तकालयाध्यक्ष की भूमिका पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा लैंगिक समानता पर पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। एल्यूमिनी ट्रस्ट ने अनंत तक फाउंडेशन के साथ आभा मानव मंदिर में वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।