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एशियन गेम्स 2026: दो पदक जीतकर मेरठ की बेटी ने किया कमाल, पिता बोले- बेटियों के लिए मिसाल बनी पारुल

Tue, 29 Sep 2026 01:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के इकलौता गांव की पारुल चौधरी ने 2026 एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। पिता कृष्णपाल ने कहा कि पारुल बेटियों के लिए मिसाल बनी हैं।
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एथलीट पारुल चाैधरी, भाई व परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के इकलौता गांव की रहने वाली एथलीट पारुल चौधरी ने 2026 एशियन गेम्स में दो कांस्य पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया। सोमवार को उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में 15 मिनट 14.61 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इससे पहले 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। बेटी की इस उपलब्धि पर गांव में पिता कृष्णपाल सिंह और भाई राहुल ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

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दो स्पर्धाओं में लगातार दूसरी बार पदक
पारुल चौधरी ने 2026 एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दौड़, दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीता है। इससे पहले 2023 के एशियन गेम्स में भी उन्होंने इन दोनों स्पर्धाओं में पदक हासिल किए थे।

इस तरह पारुल ने 2023 और 2026 के एशियन गेम्स में दोनों स्पर्धाओं में लगातार दूसरी बार पदक जीते हैं।

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एथलीट पारुल चाैधरी, भाई व परिजन - फोटो : अमर उजाला
5000 मीटर में 15:14.61 का समय
सोमवार को हुई 5000 मीटर दौड़ में पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकंड का समय निकाला और तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी पारुल के नाम है। जून 2026 में उन्होंने 15 मिनट 4.26 सेकंड का समय निकालकर अपना और देश का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया था।

इससे पहले 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल ने 9 मिनट 8.67 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता था और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।

पिता बोले- बेटियों के लिए मिसाल बनी पारुल
पारुल की उपलब्धि पर उनके पिता कृष्णपाल सिंह और भाई राहुल ने गांव में मिठाई बांटी। पिता ने कहा कि पारुल अब दूसरी बेटियों के लिए मिसाल बन गई हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि जो बेटियां खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं, उनका सहयोग करें। बेटियों की क्षमता के अनुसार उन्हें तैयारी का अवसर दें और जिस खेल में वे आगे जाना चाहती हैं, उसमें उनका साथ दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल भी जीवन बदलने का माध्यम बन सकता है।

पारुल चौधरी, एथलीट - फोटो : अमर उजाला
अर्जुन और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित
पारुल चौधरी को 2023 में अर्जुन अवार्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड मिल चुका है। 2023 एशियन गेम्स में उन्होंने 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें डीएसपी का पद भी दिया है।

सिंथेटिक ट्रैक का नाम पारुल के नाम पर रखने की मांग
एशियन गेम्स में पारुल के लगातार पदक जीतने के बाद मेरठ में खेल प्रेमियों में खुशी है। जिला एथलेटिक संघ के सचिव अनु कुमार ने कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक का नाम पारुल चौधरी के नाम पर रखने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश एथलेटिक संघ के अध्यक्ष आशुतोष भल्ला ने भी पारुल को बधाई दी। जिला एथलेटिक संघ के अनुसार, ट्रैक का नाम पारुल के नाम पर रखने की मांग को खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का समर्थन मिल रहा है।
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एथलीट पारुल चाैधरी, भाई व परिजन - फोटो : अमर उजाला
पारुल की प्रमुख उपलब्धियां
1500 मीटर: 4:18.80 मिनट, गुवाहाटी 2018
3000 मीटर: 8:57.19 मिनट, राष्ट्रीय रिकॉर्ड, लॉस एंजिलिस 2022
3000 मीटर स्टीपलचेज: 9:12.46 मिनट, राष्ट्रीय रिकॉर्ड
5000 मीटर: 15:04.26 मिनट, राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 2026
अर्जुन अवार्ड: 2023
रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड: 2023
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