मेरठ में दिन भर भीषण गर्मी और उमस के बाद शुक्रवार रात करीब आठ बजे अचानक मौसम बदल गया। 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने शहरवासियों के होश उड़ा दिए। तेज बारिश के साथ ओले पड़े। आंधी में जहां कई जगह पेड़ टूट गए तो होर्डिंग, बैनर आदि उड़ गए। हाइवे और मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक थम गया। कई जगह तार टूटने से विद्युत सप्लाई ठप हो गई।
हरियाणा की तरफ से बने नए साइक्लोन ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि आंधी वेस्ट यूपी तक पहुंच गई। मौसम वैज्ञानिकों ने धूल भरी आंधी की रफ्तार मेरठ में 80 से 100 किमी प्रति घंटे बताई। अचानक से बदले मौसम से अफरातफरी मच गई। हाइवे और मुख्य मार्गों पर यातायात ठहर गया। आंधी इतनी तेज थी कि रुड़की रोड पर पेड़ टूटकर गिरने से ट्रैफिक थम गया। इसके अलावा कई स्थानों पर छोटे खंभे भी गिर गए। वाहन चालकों को सुरक्षित स्थान का सहारा लेना पड़ा। आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि से बाजार भी बंद होना शुरू हो गए। हालांकि बारिश रुकने पर मौसम खुशनुमा हो गया।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि शुक्रवार दोपहर में राजस्थान और हरियाणा के पास बने साइक्लोन सिस्टम का असर देर शाम तक वेस्ट यूपी तक पहुंच गया। जिस कारण से लो प्रेशर के दबाव के चलते तेज आंधी और बारिश आ गई। जिससे तापमान में भी गिरावट आएगी। आंधी और तूफान की रफ्तार भी 80 किमी से ऊपर की रही है।