मेरठ के खरखौदा/जानीखुर्द कस्बा में 2019 में तीन गेहूं क्रय केंद्रों पर 500 किसानों से 1925 प्रति क्विंटल के रेट पर करीब 13 हजार 11 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। किसानों से खरीदारी करते समय किसानों को चेक के बजाय सीधे खाते में धनराशि भेजी गई। किसानों से 20 रुपये प्रति क्विंटल लेकर चार्ज के रूप में करीब 2.60 लाख रुपये धनराशि ली गई।
गेहूं खरीद के करीब चार माह बाद भी अपने बकाए का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस मामले में न तो क्रय केंद्र प्रभारी और न ही विपणन अधिकारी कोई जवाब देने को तैयार हैं। वहीं जानी ब्लॉक में गांव पांचली खुर्द स्थित सहकारी समिति पर सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया था।
इस पर एक हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई थी। क्रय केंद्र प्रभारी सोकेंद्र के अनुसार इस वर्ष लेबर चार्ज शासन से वापस नहीं किया गया है। इसलिए किसानों के खातों में यह धनराशि नहीं पहुंची। इस संबंध में शासन से भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
नहीं मिली गाइड लाइन
सरधना की मंडी में आरएफसी के गेहूं क्रय केंद्र पर इस वर्ष 29 किसानों ने 857 क्विंटल गेहूं बेचा था। एसएमआई केंद्र प्रभारी अर्चना तिवारी ने बताया कि किसानों के द्वारा इस बार कम गेहूं केंद्र पर बेचा गया था। सरकार द्वारा लेबर के रूप में किसानों को प्रति क्विंटल 20 रुपये देने की योजना इस बार लागू नहीं थी। इसलिए किसानों को उक्त धनराशि वापस नहीं मिली। शासन से अभी तक कोई गाइड लाइन प्राप्त नहीं हो सकी है।