कहा कि सरकार चाहती है किसानों में फूट डालकर इन्हें धरने से उठवा लेगी, लेकिन सरकार इस गलतफहमी में न रहे। किसान किसी भी कीमत पर मांगे पूरी कराए बिना धरने से वापस नहीं लौटेंगे। किसान को कमजोर समझने की भूल न करे। किसान अपनी बात के लिए अडिग रहना जानता है।
सरकार चाहे गोली ही क्यों न चलवा दे, लेकिन किसान धरना शांतिपूर्ण जारी रखेंगे। इसके लिए चाहे कितना ही समय क्यों न लग जाए। किसान खेत पर कार्य भी करता रहेगा और धरने पर भी पहुंचता रहेगा।
कहा कि कृषि कानून पर सरकार को चाहिए कि किसानों की जानकारी रखने वाले लोगों को मध्यस्थता में लाए। मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक के किसान हितैषी बयान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सरकार बीच में लाए। ये किसान का दर्द समझते हैं।
इसके बाद नरेश टिकैत तमेलागढ़ी निवासी विक्रम सिंह के आवास पर पहुंचे यहां उनके शिक्षक पुत्र विनेश कुमार के लापता होने के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर सुरेश राणा, आनंद छिल्लर, देवेंद्र सिंह, राजीव कुमार, संजय आदि मौजूद रहे।