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Meerut News: मांग पत्र पर सहमति बनने पर ही प्रशासन को जमीन देंगे किसान

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गंगानगर एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला
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एडीएम प्रशासन बोले, किसानों की सहमति मिलने के बाद आगे अधिग्रहण की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा (मेरठ)। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला दो वर्ष से चल रहे किसानों के धरने पर बृहस्पतिवार दोपहर एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर पहुंचे। किसानों ने कहा कि मांग पत्र पर सहमति बनने पर ही जमीन का अधिग्रहण करने देंगे। एडीएम प्रशासन ने करीब 60 प्रतिशत किसानों से ये मांग पत्र 10 दिन में भरवाकर शासन को भिजवाने की बात कही। शासन की सहमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए दूसरे चरण में खरखौदा क्षेत्र के गांव छतरी, खड़खड़ी और गोविंदपुरी की 292.79 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गईं। इसमें करीब 800 किसानों की भूमि शामिल है। करीब दो वर्षों से किसान छतरी मोड़ पर धरना देकर भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। किसान जमीन को उपजाऊ बताकर अधिग्रहण में देने से इन्कार कर रहे थे। बाद में किसानों ने रुख बदलते हुए कहा कि यदि 4880 रुपये वर्ग मीटर का 4 गुना मुआवजा समेत उनकी अन्य मांगें पूरी की जाती हैं तो वह भूमि देने पर विचार कर सकते हैं। बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में गठित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने किसानों से वार्ता कर उनकी समस्या सुनी हैं। किसानों ने मांग पत्र के बाद ही जमीन अधिग्रहण पर सहमत होने की बात कही। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहमति जताई है।
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जून में एडीएम ने सुनी थीं किसानों की मांगें
जून में पूर्व एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह कई अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने किसानों के साथ बैठक कर अधिग्रहण को लेकर उनकी आपत्तियां व मांगें सुनी थीं। उस दौरान किसानों ने डीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें विस्तार से रखी थीं। जिला प्रशासन की ओर से गठित समिति को किसानों से वार्ता कर 15 दिन में रिपोर्ट देने की बात कही थी। बुधवार से पहले क्षेत्रीय लेखपाल अतुल चौहान को सरकार की ओर से सहमति पत्र लेकर धरना स्थल पहुंचे थे। इस पर किसान सहमत नहीं हुए थे।

किसानों की प्रमुख मांगें
4880 वर्ग मीटर जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाए। प्रत्येक किसान को उसकी जमीन के हिसाब से 10 प्रतिशत भूखंड, जमीन स्वामी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, रिहायशी इलाके से करीब 200 मीटर की दूरी पर हो अधिग्रहण सहित अन्य कई मांगें हैं। मांगें स्वीकार होने के बाद ही सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

उद्योगपति सीधे किसानों से जमीन खरीदें : प्रधान
खड़खड़ी ग्राम प्रधान बृजपाल सिंह ने प्रशासन के समक्ष अलग मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि औद्योगिक गलियारे के लिए उद्योगपतियों को किसानों की जमीन की आवश्यकता है तो वह किसानों से सीधे वार्ता कर जमीन खरीदें। प्रशासन को बिचौलिए की भूमिका में क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति सीधे किसानों से बात करें और जमीन की कीमत तथा अन्य शर्तों पर आपसी सहमति बनाएं।
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समिति में ये अधिकारी रहे मौजूद
एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर के नेतृत्व में पहुंची समिति में एडीएम भूमि अध्याप्ति नवीन चंद्र, सहायक महानिरीक्षक निबंधक शर्मा नवीन कुमार एस, सदर तहसीलदार रवि प्रजापति, एसडीएम राहुल द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। धरना स्थल पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल सिंह, स्वराज त्यागी, प्रबोध शास्त्री, इंद्रमुनि त्यागी, लीलू नागर, मामचंद नागर, राकेश शर्मा समेत करीब 300 किसान मौजूद रहे।
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