किसानों ने दी 11 जून को एक्सप्रेसवे का काम बंद करने की चेतावनी
मेरठ। एक बार फिर किसानों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम बंद करने की चेतावनी दी है। किसानों ने एकसमान मुआवजा न मिलने को लेकर 11 जून को सौलाना के टोल प्लाजा के पास एकत्र होने का एलान कर दिया है। मुरादाबाद गांव में हुई किसानों की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। हालांकि, यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। पांच से अधिक लोग इस गांव में पंचायत में जुटे।
पंचायत में सतपाल चौधरी ने कहा कि गाजियाबाद से लेकर मेरठ कमिश्नरी तक पदयात्रा कर किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया था। आश्वासन दिया गया था कि सभी को एकसमान मुआवजे सहित अन्य मांगों पर विचार किया जाएगा। लेकिन छह महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। गन्ना परिषद के चेयरमैन अमरजीत सिंह ने किसानों की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ने का आह्वान किया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबली गुर्जर ने कहा इस बार लड़ाई आरपार की होगी। मांगे पूरी न करने पर आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत में मेरठ जिले के प्रभावित गांवों के किसान भी मौजूद रहे। इसमें 26 जिलों के किसानों में सौलाना से महबूब अली, शावेज, हाजी मनव्वर, काशी गांव से हाजी जुनैद, सालिम, कासिब मौजूद रहे।
बारिश डाल रही निर्माण कार्य पर असर
एक सप्ताह में दो बार हुई बारिश से एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। पहले ही श्रमिकों की समस्या से जूझ रहे एक्सप्रेसवे पर जलभराव हो गया था। इस समय सबसे अधिक कार्य मिट्टी भराव का किया जा रहा है, लेकिन इस कार्य में बारिश से बाधा पैदा हो जाती है। वहीं, अब किसान मांगों को लेकर धरना देने की तैयारी में लगे हैं।