बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मोदीपुरम एवं उत्तर प्रदेश कृषि विभाग मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को बासमती धान की खेती में आने वाली समस्याएं एवं उनके निराकरण के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसके जरिये किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया।
बीईडीएफ के डायरेक्टर एके गुप्ता ने कहा कि बासमती धान की फसल के लिए किसानों की जिस तरह की मांग होगी, हम उसी तरह के कार्यक्रम बनाते हुए लगातार सेवा देते रहेंगे। जनरल मैनेजर एसएस नैयर ने हरसंभव मदद दिलाने के लिए आश्वासन दिया। डीजीएम विनीत सुधांशु ने किसानों को सीधे बासमती चावल निर्यात करने के लिए सहयोग करने की बात कही। बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बासमती धान की नर्सरी प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा अच्छी नर्सरी का महत्व भी बताया।
कृषि विभाग केंद्र गौतम बुद्ध नगर के वैज्ञानिक डा. विपिन शर्मा ने किसानों को नर्सरी में पोषण प्रबंधन की जानकारी दी। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद सिरोही ने उत्तर प्रदेश के किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि वह पेस्टीसाइड मुक्त बासमती धान का उत्पादन करें। कृषि विभाग उनके उत्पादन को सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। बाहर से निर्यातकों को बुलाकर किसानों के साथ मीटिंग कराई जाएगी। ताकि किसानों को बासमती धान का उचित मूल्य दिला सके। वेबिनार में डा. प्रमोद कुमार तोमर, नेत्रपाल शर्मा, पवन भी भागीदार रहे। इस मौके पर सूबे सिंह, प्रमोद कुमार, अजय, संजीव, विनोद आदि मौजूद रहे।