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Meerut News: किसानों ने घेरा ऊर्जा भवन, कृषि फीडरों पर 12 घंटे बिजली की मांग

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मेरठ। ऊर्जा विभाग की ओर से कृषि फीडरों पर हो रही विद्युत आपूर्ति का समय कम कर दिया है। विभाग की ओर से प्रतिदिन 10 घंटे के स्थान पर 7 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने की बात कही गई है। इसे लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन अरानजीतिक के कार्यकर्ताओं ने संगठन के युवा जिलाध्यक्ष आकाश सिरोही के नेतृत्व में ऊर्जा भवन पर धरना दिया। उन्होंने 10 के बजाय 12 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने की मांग की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों पर सवार होकर कार्यकर्ता व किसान ऊर्जा भवन पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन वह नहीं माने और धरना दिया।
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धरनास्थल पर किसानों ने प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने की मांग की है। सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक हर हाल में विद्युत आपूर्ति की जानी चाहिए। युवा जिलाध्यक्ष आकाश सिरोही ने कहा कि सरकार किसानों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस प्रकार से किसान बर्बाद होते चले जाएंगे। युवा नेता शेरा जाट ने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आगामी विधानसभा चुनाव में किसान सरकार को इसका जवाब देंगे। इस मौके पर किसानों ने कढ़ाई चढ़ाकर खाना भी बनाया। बाद में उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन को सौंपा। इस दौरान कालू प्रधान, सोहित चौधरी, मेराज, विशेष, नीरज राठी, अभिलाष, सतीश, कपिल, हर्ष धामा, अमित आदि मौजूद रहे।

सपाइयों ने पावर एमडी को सौंपा ज्ञापन
मेरठ। सपा से सरधना विधायक अतुल प्रधान ने सपा नेताओं के साथ बुधवार को प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन पावर एमडी को सौंपा। उन्होंने कहा कि 22 मार्च को एक आदेश जारी हुआ, जिसमें कृषि पोषक फीडर से विद्युत समय 10 घंटे से घटाकर 7 घंटे कर दिया गया है। इतने कम समय में कटौती के साथ में किसान फसलों की सिंचाई समय से नहीं कर पाएगा। दूसरी तरफ गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और फसलों में कम समय में सिंचाई करनी पड़ेगी। दो भागों में वर्गीकृत यह समय दूरी की सिंचाई को प्रभावित करेगा, जिसका सीधा नुकसान फसलों पर पड़ेगा। उन्होंने ज्ञापन देकर फीडरों पर 10 घंटे विद्युत का आदेश जारी किए जाने और 7 घंटे के आदेश को तत्काल प्रभाव से खारिज किए जाने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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