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72 दिन से धरने पर किसान: नहीं मिला हाईवे पर कट; गर्मी-बरसात झेली, अब सर्दी में भी आंदोलन जारी रखने का एलान

Thu, 01 Oct 2026 02:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

शामली-अंबाला हाईवे पर सलारपुर के पास कट की मांग को लेकर किसान 72 दिन से धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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कट की मांग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे पर गंगोह-नकुड़ मार्ग स्थित सलारपुर के पास कट की मांग को लेकर क्षेत्रीय किसान पिछले 72 दिन से धरने पर बैठे हैं। भाकियू नई क्रांति के बैनर तले चल रहे धरने में किसानों का कहना है कि उन्होंने गर्मी और बरसात तिरपाल के नीचे गुजारी है और अब सर्दी में भी आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं। किसानों के अनुसार ढाई महीने में छह किसान बीमार हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मांग पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।

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पिछले साल भी दिया था धरना, लिखित आश्वासन के बाद उठे थे किसान
किसानों के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में कट की मांग को लेकर नौ दिन तक धरना दिया गया था। उस दौरान तत्कालीन एसडीएम सुरेंद्र सिंह एनएचएआई अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे और किसानों को बजट पास कराकर जल्द कट निर्माण शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था।

भाकियू नई क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा का कहना है कि करीब छह महीने बाद जब प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद किसानों ने दोबारा धरना शुरू किया, जो अब तक जारी है।

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50 से ज्यादा गांवों के लोग मांग से जुड़े
किसानों के अनुसार कट की मांग को लेकर क्षेत्र के 32 गांवों के प्रधानों की ओर से समर्थन पत्र दिया जा चुका है। सलारपुरा, बाड़ी माजरा, आलमपुर, लखनौती, सुखेड़ी, हलवाना, नई माजरा, कुंडा कला, बीरा खेड़ी, बांदा खेड़ी, खानपुर, छतरपुर, बाला माजरा और ततारपुर समेत 50 से अधिक गांवों के लोग इस मांग से प्रभावित हैं।

बोले किसान- कट बने बिना नहीं खत्म करेंगे धरना
भाकियू नई क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा ने कहा कि हाईवे निर्माण में जिन किसानों की जमीन गई है, उनकी जायज मांगों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय महासचिव कुलबीर सिंह ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्या जानने की कोशिश नहीं की। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिपाल सिंह ने कहा कि गर्मी और बरसात के बाद अब कड़ाके की ठंड में भी धरना जारी रखने के लिए किसान तैयार हैं।

महिला मोर्चा की तहसील अध्यक्ष सुभलेश चौधरी ने कहा कि हाईवे अथॉरिटी उनकी मांग को लेकर गंभीर नहीं है। किसानों ने स्पष्ट किया कि कट का निर्माण होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
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जनप्रतिनिधियों ने कहा- समाधान के लिए वार्ता जारी
गंगोह से भाजपा विधायक चौधरी कीरत सिंह ने कहा कि किसानों और क्षेत्रवासियों की मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और हाईवे अथॉरिटी से वार्ता की जा रही है। समस्या का जल्द समाधान कराकर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कैराना लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद इकरा हसन ने किसानों की कट की मांग को जायज बताते हुए कहा कि वह इस जनहित के मामले को लोकसभा में उठाने का काम करेंगी।

एनएचएआई के साइट इंजीनियर सोनू सिंह ने बताया कि पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।

बुधवार को धरने पर सुशील कुमार, कामिल कुमार, सुरेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, सोनी देवी सिंह, इलियास, गैयू चौधरी, आलम, सतीश कुमार, अनुज चौधरी आदि किसान मौजूद रहे।
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