मेरठ जनपद की चीनी मिलों को पेराई सत्र शुरू किए एक सप्ताह से ज्यादा हो चुका है, लेकिन एक दो मिलों को छोड़कर कोई भी मिल अपनी पेराई क्षमता अनुसार गन्ना खरीद नहीं कर रही है। किसानों को समय से पर्ची नहीं मिलने से किसान परेशान है। किसानों के सामने गेहूं की बुवाई की चुनौती भी रहेगी। रालोद ने भरपूर इंडेंट जारी नहीं करने पर गन्ना भवन का घेराव करने की चेतावनी दी है।
जनपद की दौराला, किनौनी, सकौती, मवाना, नंगलामल और मोहिउद्दीनपुर मिल की पेराई क्षमता 4,88,000 क्विंटल प्रतिदिन है। ये मिल करीब चार लाख क्विंटल प्रतिदिन के हिसाब से इंडेंट जारी कर रही है। इसमें दौराला मिल की बात करें तो मिल की पेराई क्षमता 1.25 लाख क्विंटल प्रतिदिन है, लेकिन यह मिल करीब 55 हजार क्विंटल गन्ने की ही खरीद कर रही है।
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किनौनी मिल 1.20 लाख क्विंटल क्षमता के सापेक्ष 1.07 लाख क्विंटल और नंगलामल मिल 60 हजार क्विंटल के सापेक्ष 51 हजार क्विंटल प्रतिदिन के हिसाब से गन्ना खरीद कर रही है। सकौती मिल ही एकमात्र मिल है जो 18 हजार क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता के सापेक्ष 19 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद कर रही है। क्षमता से कम गन्ना खरीद का असर किसानों की गेहूं बुआई पर पड़ रहा है।
बुधवार को गन्ना भवन पर हुई पेराई सत्र समीक्षा बैठक में जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार ने भी गन्ना खरीद में लापरवाही बरत रही मिलों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
वहीं, रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि शुगर मिलों द्वारा पेराई क्षमता अनुसार गन्ना खरीद नहीं किए जाने से किसान परेशान हैं। अगर चीनी मिलों ने गन्ना इंडेंट बढ़ाकर खरीद शुरू नहीं की तो रालोद गन्ना भवन का घेराव करेगा।