संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बढ़े प्रतिकर की मांग को लेकर वेदव्यासपुरी में मेरठ मंडपम स्थल पर किसानों को धरना शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरने का समर्थन करने मलियाना, कुंडा और घाट के किसान पहुंचे। किसानों ने कहा कि मेडा के अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लें। वे बिना उचित मुआवजा लिए इस बार धरना समाप्त नहीं करेंगे।
किसानों के अनुसार शताब्दीनगर और अन्य योजनाओं की तर्ज पर वेदव्यासपुरी के किसानों ने कई बार मेडा कार्यालय का घेराव किया। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद 2015 में मेडा और उनके बीच छोटे किसानों को चेक और बडे़ किसानों को मेडा योजना में प्लाट देने का समझौता हुआ था। एडवोकेट नरेश प्रधान ने बताया कि किसान गत दस वर्षों से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। हर बार आश्वासन देकर किसानों को टकराने का काम किया गया।
किसान नेता मंगत सिंह ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो किसान मेडा की अन्य योजनाओं का निर्माण कार्य की भी बंद कराएंगे। इस दौरान सुभाष प्रधान, पोपीन प्रधान, सुरेंद्र भडाना, अनिल चौधरी, हरिप्रकाश सिंह, धर्मपाल सिंह, बिन्नी बसूटा, मोहित गुर्जर, सुमित प्रीत, रामकिशन जाटव,एडवोकेट नरेश प्रधान, शशि गुर्जर, चरणदास सिंह, प्रवीन बैंसला, मिश्रा देवी, बाला, बबीता, राजदुलारी, भीम कौर, अनुज बैंसला सहित अन्य किसान मौजूद रहे।