19 अप्रैल से ट्रेनों को संचालन बिगड़ा हुआ है। पंजाब होकर आने जाने वाली 69 ट्रेन रद्द चल रही हैं, जबकि 108 ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है। 15 ट्रेनें ऐसी हैं, जो अपनी पूरी यात्रा नहीं कर रही हैं। उन्हें पंजाब नहीं भेजा जा रहा है। इन ट्रेनों में दिल्ली-मेरठ-सहारनपुर से होकर चलती वाली शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन भी है।
इसे बाडमेर-जैसलमेर से दिल्ली तक ही चलाया जा रहा है। दिल्ली से जम्मूतवी के बीच यह ट्रेन एक महीने से रद्द है, उसकी 18 बोगियां मेरठ सिटी स्टेशन पर खड़ी है। जालंधर इंटरसिटी सुपर भी एक महीने से रद्द चल रही है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी दीपक कुमार के अनुसार शालीमार और सुपरफास्ट अभी रद्द रहेंगी। गोल्डन टेंपल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेेस, सूबेदारगंज सुपरफास्ट, इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस रविवार को भी आठ से 12 घंटे की देरी से आईं।
आज योगा एक्सप्रेस और शताब्दी डेढ़ घंटे देरी से चलेगी
हरिद्वार-देहरादून के बीच रेलवे लाइन पर काम किया जाएगा। इस कारण कई दिन ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। आज दिल्ली से देहरादून जाने वाली ट्रेन संख्या 12017 शताब्दी डेढ़ घंटे देर से चली।
देहरादून से भी शाम को शताब्दी 90 मिनट देर से चलेगी। इसी प्रकार सोमवार को ही ही योग नगरी ऋषिकेश से अहमदाबाद मेल-योगा एक्सप्रेस एक घंटा 30 मिनट देर से चलेगी। जिस कारण मेरठ में यह ट्रेन शाम को साढे़ सात के बजाए रात नौ बजे आएगी।
शामली, बागपत, नोएडा में नहीं रुकने दी जा रहीं बसें
रोडवेज बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम के अफसरों के बीच तनातनी चल रही है। शामली, नोएडा, कौशांबी में मेरठ की बसों को नहीं रुकने दिया जा रहा है। उन्हें बस अड्डे से बिना सवारी लिए ही लौटाया जा रहा है। बागपत में प्राइवेट बस संचालक रोडवेज बसों को अड्डे पर नहीं खड़ी होने दे रहे हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नोएडा-मेरठ के बीच पहले से ही नोएडा की रोडवेज बसें चलती हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद नोएडा ने अपनी बसों की संख्या बढ़ा दी है। मेरठ में ज्यादा यात्री होने के कारण नोएडा की बसें कम पड़ रही हैं। जिस कारण मेरठ डिपो से भी रोजाना आठ बसों को नोएडा भेजने की व्यवस्था की गई।
नोएडा के अधिकारियों ने विरोध किया। मेरठ डिपो की बसों को नोएडा अड्डा से बिना सवारी लिए ही बाहर निकाल दिया गया। दोनों डिपो के अफसरों में तनातनी है।
शामली डिपो के अफसर भी अपनी बसों को मेरठ भेज रहे हैं, जबकि शामली डिपो में सभी अनुबंधित बसें हैं, जो मेरठ-करनाल हाईवे पर नहीं चल सकती। इसके बावजूद बसें इस रूट से मेरठ आ रही हैं, जबकि मेरठ डिपो की बसों को शामली बस अड्डे के बाहर से ही वापस भेजा जा रहा
बस संचालन को लेकर दो दिन पहले भैसाली बस अड्डे पर मेरठ और शामली डिपो के कर्मचारियों में हाथापाई भी हुई थी। भैसाली डिपो के एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि बागपत में बसों की देखरेख के लिए एक कर्मचारी की नियुक्ति कर दी गई है। वहां के डीएम से भी बात की है। नोएडा और शामली में भी बातचीत जारी है।