मेरठ। गंगानगर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को किसानों ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल से मिलकर ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा कि मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा 1987 में गंगानगर, लोहियानगर, वेदव्यासपुरी व शताब्दीनगर आवासीय योजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया था। जिसमें किसानों को बहुत कम मुआवजा दिया गया था। बाद में शताब्दीनगर योजना में किसानों को बढ़े प्रतिकर के रूप में अतिरिक्त मुआवजा दियागया, जिससे बाकी योजनाओं के किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
काफी संघर्ष के बाद प्राधिकरण द्वारा गंगानगर, लोहियानगर व वेदव्यासपुरी आवासीय योजनाओं के किसानों को समानता के आधार पर बढ़ा प्रतिकर देने का प्रस्ताव 10 नवंबर 2015 को बोर्ड बैठक में पास कराया गया। जिसकी पुष्टि भी शासन द्वारा कर दी गई, जिसमें बढ़े प्रतिकर के बदले बड़े किसानों को विकसित प्लॉट व छोटे किसानों को चैक देने पर सहमति का प्रस्ताव पास हुआ था। तीनों योजनाओं के छोटे किसानों को ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, मंडलायुक्त द्वारा सभी चैकों का वितरण किया जा चुका है।
इसके बाद किसानों को बार-बार प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा झूठी आपत्ति बताकर टालमटोल किया जा रहा है। जबकि आपत्तियों का निस्तारण भी हो चुका है। इसके बाद किसानों के लिए प्राधिकरण की स्कीम में प्लॉटों के नक्शे भी चिहिन्त कर दिए गए और कहा गया कि सभी प्लॉट किसानों को ही दिए जाएंगे। प्राधिकरण ने इसके बाद सभी प्लॉट बेच दिए और अभी भी प्लॉट बेचे जा रहे हैं। कई दौर की वार्ता के बाद भी उपाध्यक्ष मेडा टालमटोल कर रहे हैं।
कैंट विधायक से वायदा निभाने की मांग
किसानों ने कैंट विधायक से कहा कि पहले भी आपके द्वारा 210 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से भुगतान कराया गया था। गत विधानसभा चुनाव के समय आपने सभी किसानों से वायदा किया था कि आप मुझे चुनाव जिताओ, मैं आपका भुगतान कराऊंगा। अब किसान आपके किए वायदे के पूरा होने की राह देख रहे हैं। किसानों ने विधायक से बचे किसानों की अवशेष प्रतकिर धनराशि व विकसित भूखंड शीघ्र दिलवाने की मांग की। विधायक ने किसानों को आश्वासन दिया। इस अवसर पर जसबीर सिंह, सर्वेश कुमार, सुनील शर्मा, धनपाल भाटी, गोपाल जाटव आदि मौजूद रहे।