मवाना। गांव रसूलपुर गांवडी के किसान कंवरपाल (55) का शव गांव ततीना के खेत में पड़ा मिला। परिजनों ने विरोध करते हुए शव पुलिस को नहीं सौंपा। पांच घंटे बाद एसपी देहात व गन्ना समिति चेयरमैन के आश्वासन पर परिजनों ने शव उठने दिया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मौके पर फोरेंसिक टीम व डाॅग स्क्वाड ने भी जांच की। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कंवरपाल गांव ततीना में दो भाइयों नरेंद्र और भूषण के खेत ठेके पर लेकर खेती कर रहा था। कंवरपाल के पुत्र अनिल ने बताया कि उसके पिता बृहस्पतिवार शाम पांच बजे आसपास गांव से खेत पर जाने के लिए कहकर गए थे, लेकिन वापिस नहीं लौटे। शुक्रवार सुबह किसी किसान ने परिजनों को कंवरपाल का शव खेत में पडे़ होने की सूचना दी। शव उसी खेत में पड़ा था, जिसको उसने ठेके पर ले रखा था। बेटे अनिल का आरोप है कि जब रात को तलाश करते हुए आए थे, तो शव यहां नहीं था। बाद में किसी ने हत्या कर शव को डाला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजनों ने आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव पुलिस को उठने नहीं दिया। एसपी देहात राकेश मिश्रा, सीओ मवाना अभिषेक पटेल, गन्ना समिति चेयरमैन विनोद भाटी मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। एसपी देहात ने वारदात का शीघ्र खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिए जाने पर परिजन शांत हुए। तब पांच घंटे बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी देहात ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
चप्पल फावड़ा दूसरे खेत में मिले
मवाना। मृतक की साइकिल दूसरे खेत के पास और चप्पल, फावड़ा शव से कुछ दूरी पर पड़े हुए थे। शव उल्टा पड़ा था। आंख की भौंह मामूली सी फटी थी। खेत में तीन चार जगह पर खून के छींटे थे। मृतक के एक लड़की और दो लड़के हैं। एक लड़का सेना में है। छोटा बेटा अनिल प्राइवेट नौकरी करता है। लड़की की शादी हो चुकी है। मृतक की पत्नी सुमित्रा का रोकर बुरा हाल था।
चार लोगों के साथ चल रहा है मुकदमा
मृतक के पुत्र अनिल ने दी तहरीर में बताया है कि उसका गांव रसूलपुर गांवडी निवासी चार लोगों से 2019 से मुकदमा चल रहा है। उसने आशंका जताई कि इनका वारदात में हाथ हो सकता है। खेत मालिक से भी पूछताछ होनी चाहिए।
पुलिस चौकी की मांग
मवाना। गन्ना समिति चेयरमैन विनोद भाटी ने थाने की सीमा दुर्वेशपुर गांव की पुलिया पर पुलिस चौकी बनाए जाने की मांग एसपी देहात से की। उन्होंने बताया कि पहले भी यहां पर हत्याएं हो चुकी हैं। उस समय भी पुलिस चौकी की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक चौकी नहीं बनी है।